ट्रेन ब्लॉस्ट: रेलवे की जांच अधूरी

जांच में शामिल चार में से दो अधिकारी अलग-अलग स्थान पर व्यस्त होने से जांच अब आगे बढ़ गई है। अब जांच कितने दिन में पूरी होगी, फिलहाल ये तय नहीं है।

By: vikram ahirwar

Published: 15 Mar 2017, 05:07 PM IST



रतलाम। ट्रेन के सामान्य बोगी में गत दिनों हुए ब्लॉस्ट की मंडल रेलप्रबंधक मनोज शर्मा द्वारा बनाई गई जांच समिति ने बुधवार को अंतिम दिन जांच पूरी नहीं की। जांच में शामिल चार में से दो अधिकारी अलग-अलग स्थान पर व्यस्त होने से जांच अब आगे बढ़ गई है। अब जांच कितने दिन में पूरी होगी, फिलहाल ये तय नहीं है।

7 मार्च को ट्रेन में कालापीपल स्टेशन के पहले जाबरी स्टेशन के करीब सामान्य बोगी में धमाका हुआ था। इस धमाके  में 7 यात्री घायल हुए थे। पहली बार इस धमाके में ये सामने आया था कि इसमे विदेशी शक्तियों का हाथ था। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में रहने वाले आंतकियों को इस मामले से तार जुडे होने पर गिरफ्तार किया था। मामले की जांच एनआईए को सौप दी गई थी। मामले में बड़ी बात ये रही कि रेल मंडल के कुछ कर्मचारियों पर पहली बार इस प्रकार के धमाके में संदेह किया गया व पूछताछ में शामिल किया गया।

चार अधिकारियों की जांच समिति

मामले में मंडल के वरिष्ठ परिचान प्रबंधक पवन कुमार सिन्हा, वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त एस सुधाकर, वरिष्ठ यांत्रिकी इंजीनियर कमलसिंह चौधरी के अलावा वरिष्ठ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अरुण भारद्वाज को जांच अधिकारी मंडल रेल प्रबंधक शर्मा ने बनाया था। डीआरएम के आदेश के अनुसार एक सप्ताह में जांच पूरी कर बुधवार को रिपोर्ट देना थी। बुधवार को परिचालन प्रबंधक सिन्हा मुंबई में तो यांत्रिकी इंजीनियर चौधरी चित्तौडग़ढ़ में व्यस्त रहे। इसके चलते जांच पूरी नहीं हो पाई। अब जांच को आगे के दिनों में किया जाएगा। हालाकि रेलवे से जुडे कर्मचारियों के बयान हो गए है। अब रेलवे अधिकारी इस रिपोर्ट को तैयार कर डीआरएम को सौपेंगी।

गोपनीय है रिपोर्ट

एक सप्ताह में जांच पूरी करना थी। अधिकारियों के मंडल से बाहर रहने के कारण, जांच आगे के दिनों में की जाएगी। मामला गोपनीय है इसलिए इससे अधिक नहीं बताया जा सकता है।

- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल
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