देखे वीडियो : पांच वर्षीय बच्चे के अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, अप्राकृतिक कृत्य करने के बाद कर दी थी हत्या, आरोपी भाई-बहन गिरफ्तार

देखे वीडियो : पांच वर्षीय बच्चे के अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, अप्राकृतिक कृत्य करने के बाद कर दी थी हत्या, आरोपी भाई-बहन गिरफ्तार

Sourabh Pathak | Publish: May, 04 2019 02:35:17 PM (IST) | Updated: May, 04 2019 02:35:19 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

देखे वीडियो : पांच वर्षीय बच्चे के अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, अप्राकृतिक कृत्य करने के बाद कर दी थी हत्या, आरोपी भाई-बहन गिरफ्तार

रतलाम।पांच वर्षीय बालक के अपहरण व हत्या के आरोप में पुलिस ने घटना के बीस दिन बाद बच्चे के घर के पास पास रहने वाले भाई-बहन को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक ने बच्चे की हत्या करने से पहले उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया था, जिसके बाद उसके मुंह पर सेलोटेप लपेट दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद आरोपी ने शव को घर में रखी वाशिंग मशीन में छिपा दिया था। आरोपी की बहन को मशीन में शव नजर आने के बाद उसने जब भाई से इसकी जानकारी ली तो वह भी दंग रह गई थी। परिवार में शादी से लौटने के बाद दोनों ने मिलकर शव को नाले में फेंक दिया था।

 

इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा शनिवार को रतलाम रेंज डीआईजी गौरव राजपूत और एसपी गौरव तिवारी ने किया। डीआईजी ने बताया कि बच्चे की हत्या के मामले में पुलिस ने सोहेल उर्फ मोनू पिता अल्ताफ अंसारी 19 वर्ष व बहन कश्मीरा पति शाकिर 25 निवासी इंदौर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना के संबंध में आईपीसी की धारा 302, 201, 377 व 5(आई)(एम)/6 पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके साथ ही घटना से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र किए है।

 

ऐसे दिया घटना को अंजाम
सोहेल 13 अप्रैल को दोस्त के साथ बाजना बस स्टैंड पर सिगरेट पीने गया था। वहां से शाम 5 बजे दोस्त उसे घर छोड़कर चला गया था। घर पर सोहेल ने अश्लील वीडियो देखा और उत्तेजित होकर वह घर के बाहर आया और बच्चे को आवाज देकर घर में बुलाया। उसके बाद घर में रखी सेलोटेप से उसके मुंह पर चिपका दिया, जिससे कि वह आवाज न कर सके। उसके बाद बच्चे से दुष्कर्म किया और फिर बच्चे के पूरे चेहरे टेप लगा दी, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। बाद में पैर में टेप लगाकर शव को बोरी में रखकर शव को वाशिंग मशीन में रख दिया था।

 

दो दिन बाद ही बहन ने देखी लाश
पुलिस ने जांच शुरू कर 15 अप्रैल को सोहेल को हिरासत में लिया था। बड़ी बहन कश्मीरा को जानकारी मिलने पर वह खंडवा से रतलाम आई थी। घर में अलग गंध आने पर उसने वाशिंग मशीन खोली तो बोरी में शव नजर आया था। भाई को बचाने के लिए बहन ने ये बात पुलिस को नहीं बताई। बाद में बच्चे के परिजनों से चर्चा कर उनकी मदद से 16 तारीख को भाई को माणक चौक थाने से छुड़वाया और उसे लेकर खंडवा चली गई थी। भाई से घटना के बारे में पूछताछ के बाद दोनों ने शादी से लौटते ही शव को घर के पीछे नाले में फैंकने का प्लान बनाया था।

 

मां को भी नहीं थी जानकारी
सोहेल के घर में शव होने की जानकारी उसकी मां को भी नहीं थी। 22 तारीख को शादी से आने के बाद रात करीब 8.30 बजे मां घर में खाना बना रही थी। तब सोहेल व कश्मीरा ने शव को मशीन से निकालकर दो टाट के बोरे में रखा। शव रखने के पहले उसमें टेलर के यहां की कपड़ों की चिंदियां व धागे भी भर दिए थे। बाद में बोरे को अंधेरे में घर के आंगन में दीवार पर चढ़कर पीछे नाले में फेंक दिया था।

 

200 पुलिसकर्मी जुटे जांच में
पुलिस ने बच्चे के अपहरण के बाद जांच के लिए 200 पुलिसकर्मियों को लगाया। 100 की टीम शहर में पीडि़त के घर के आस-पास के 200 घरों के साथ 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, नाले, सैप्टी टैंक, कुएं, तालाब, बावड़ी, पानी की टंकी, सीवर लाइन में तलाशा। जिले से बाहर जाने वाले सभी चार टोल नाको के 12 से 15 अप्रैल तक के सीसीटीवी कैमरे तलाशने के साथ संदिग्धों को पकड़ पूछताछ की। इस दौरान दस से अधिक रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड भी जांचे। वहीं 100 पुलिसकर्मियों की 6 टीम रतलाम के बाहर इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा सहित उत्तर प्रदेश के कांसगंज जिलों में जाकर बच्चे को तलाश रही थी।

 

पांच लाख मोबाइल ट्रेस किए
बच्चे के अपहरण व हत्या के बाद पुलिस ने जांच के दौरान शहर के 40 मोबाइल टावर से पांच लाख मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया लेकिन आरोपी पड़ौसी होने से उसे इससे बहुत ज्यादा मदद नहीं मिली। इस बीच एक हजार से अधिक चार पहियां वाहन चालकों के बारे में भी जानकारी जुटाई थी। बच्चे के अपहरण के बाद उसकी तलाश के लिए पुलिस ने दस हजार का ईनाम रखा था। बाद में जब उसका शव मिला तब उज्जैन रेंज आईजी राकेश गुप्ता ने तीस हजार का ईनाम घोषित किया था।

 

बच्चे के चाचा व दोस्त पर लगाया आरोप
सोहेल के घर लौटने के बाद अगले ही दिन बच्चे का शव मिलने से पुलिस की शंका उस पर और बढ़ गई। पुलिस ने उसे पकड़ पूछताछ की तो वह गुमराह करता रहा। उसने हत्या का आरोप बच्चे के परिजनों पर लगाया, पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की लेकिन सोहेल की कहानी झूठी निकली। बाद में उसने बच्चे के चाचा व स्वयं के बचपन के दोस्त के साथ मिलकर घटना करने की बात कही लेकिन इनके खिलाफ भी पुलिस को सबूत नहीं मिले। पुलिस ने जब सख्ती अपनाई तब सोहेल टूट गया और घटना उसके द्वारा करने की बात कही।

 

ये अधिकारी लगे थे जांच में
डीआईजी गौरव राजपूत, एसपी गौरव तिवारी, एएसपी डॉ. इंद्रजीत बॉकलवाल, सीएसपी मानसिंह ठाकुर, एसडीओपी मानसिंह चौहान, डीएसपी विलास वाघमारे, एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल, मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सईद नुमान हुसैनी, डॉ. प्रदीप मिश्रा, डॉ. बसंतलाल, आस-पास के अन्य एसडीओपी, शहर सहित अन्य थानों के थाना प्रभारी, पूर्व में गंभीर अपराधों का खुलासा करने वाले चुनिंदा पुलिसकर्मियों को इसमें लगाया गया था।

 

25 तरह की जांच कराई
पुलिस ने बच्चे के अपहरण से लेकर उसके शव मिलने के बाद से लेकर अब तक करीब 25 तरह की फॉरेंसिक जांच कराई है। इनमें डीएनए सहित अन्य जांचे शामिल है। डीएनए रिपोर्ट में हत्या सोहेल व अप्राकृतिक कृत्य सोहेल द्वारा किए जाने का खुलासा हो गया है। इसके साथ ही लाश छिपाने में बहन की भूमिका भी सामने आई है। अन्य जांच की रिपोर्ट आना शेष है।

 

भाईजान व भाभी ने कल ले ली तलाशी
सोहेल का परिवार 11 अप्रैल से खंडवा छोटी बहन शादी में गया हुआ था। सोहेल घर पर अकेला था, इस कारण से पुलिस ने शंका के आधार पर उसे पकड़ा था। बहन को जानकारी मिलने पर वह 15 को जब आई और बच्चे के परिजनों से मिली तो परिजन पुलिस के पास पहुंचे और कहा कि यह हमारे अच्छे पड़ौसी है, हमें इन पर कोई शंका नहीं है। इसकी सगी बहन की शादी है, इसे छोड़ दे। इसके पूर्व भी पुलिस जब उसके घर तलाशी लेने पहुंची तब सोहेल ने कहा कि भाईजान, भाभी व पुलिस कल तलाशी ले चुके है। इसके बाद 14 को वह पूरे दिन पीडि़त परिजनों के साथ बच्चे को तलाशता रहा। इसके साथ ही उसे शिवगढ़ सहित आस-पास के क्षेत्र में बाबाओं के पास ले जाकर गुमराह करता रहा।

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