जब बैठक में नाराज हुई जिला पंचायत सीईओ, फिर हुआ यह....

बैठक में नाराज सीईओ ने कहा काम नहीं कर सकते तो घर जाओ, बैरोजगारों की कमी नहीं है, आलोट जनपद के दो उपयंत्री की सेवा समाप्त, दो की वेतनवृद्धि रोकने के व निलंबन का नोटिस।

By: Ashish Pathak

Published: 03 Jul 2021, 10:47 PM IST

रतलाम. अनलॉक के बाद जब पूरा देश आर्थिक रुप से गति पकडऩे को बेताब हो रहा है, तब अब जिला पंचायत ने भी अब तक रुके हुए काम को गति देना शुरू किया है। कुछ अधिकारी अब भी लॉकडाउन की मनस्थिति से बाहर नहीं आना चाह रहे है, ऐसे अधिकारियों के प्रति जिला पंचायत की सीईओ मीनाक्षीसिंह ने सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को जिले के आलोट में पीएम आवास व नरेगा के काम की समीक्षा के दौरान दो उपयंत्री की सेवा समाप्त व एक उपयंत्री के वेतन वृद्धि को रोकने के आदेश काम नहीं कर सकते तो घर जाओ, बैरोजगारों की कमी नहीं है, बोलते हुए सीईओ ने दिए है।

असल में आलोट जनपद में जिले में वर्ष 2019 - 2020 व इसके पूर्व के पीएम आवास की गति कमजोर है। इसके अलावा नरेगा में मजदूरों को जो काम दिलाना था, उस काम को भी कम किया गया। इसलिए सीईओ सिंह शुक्रवार को दल बल के साथ आलोट में विभागीय समीक्षा करने गई थी। समीक्षा के दौरान ही सीईओ सिंह काफी नाराज हुई। उपयंत्री शंकर खराड़ी व नकुल राठौर जो संविदा कर्मचारी है उनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय लेते हुए नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक अन्य उपयंत्री वैभव हंसवार को वेतनवृद्धि रोकने सहित निलंबन का नोटिस जारी किया गया है। इतना ही नहीं पंचायत समन्वयक ओलईस ओहरी को भी वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस जारी किया गया है।

इसलिए लिया गया यह निर्णय

बैठक में जिला पंचायत सीईओ सिंह के अलावा नरेगा के नोडल अधिकारी महेश कुमार चौबे, सीईओ आलोट जनपद आरके वास्करिया, नरेगा के नोडल अधिकारी सोहनसिंह ठाकुर सहित अन्य उपस्थित थे। यह नोटिस जारी इसलिए किए गए क्योंकि कई कार्यो में काम अधूरे थे, इसके अलावा मजदूर नियोजन के काम भी गिरावट आई थी। जो काम अधूरे थे, उनमे पीएम आवास तो 2016 - 2017, 2017 - 2018, 2019 - 2020 व इसके पूर्व के भी बैठक में सामने आए है। अब इन कार्यो को एक पखवाड़े में पूरा करने को कहा गया है। एक पखवाड़े में काम पूरे नहीं हुए तो और सख्ती की जाएगी।

काम तो करना होगा

जिले में हर जनपद की समीक्षा अलग से की जा रही है। कई जनपद में लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के काम अधूरे है। ऐसे में आलोट में अधूरे काम को एक पखवाड़े में पूरा किए जाने को कहा गया है। इसलिए उपयंत्रियों को सेवा से बर्खास्त, वेतन वृद्धि रोकने व निलंबन के नोटिस जारी किए जा रहे है।

- मीनाक्षीसिंह, सीईओ, रतलाम जिला पंचायत

Ashish Pathak Reporting
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