जाने ऐसा क्यों: प्रदेश के 843 डॉक्टर्स सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे

जाने ऐसा क्यों: प्रदेश के 843 डॉक्टर्स सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे

Sachin Trivedi | Updated: 25 Aug 2018, 01:35:20 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

जाने ऐसा क्यों: प्रदेश के 843 डॉक्टर्स सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे

रतलाम. प्रदेश की शासकीय शालाओं में मिल-बांचें मध्य प्रदेश कार्यक्रम 31 अगस्त को होगा। पूर्व में यह 17 अगस्त को होने वाला था। प्रदेश में मिल-बांचें मध्यप्रदेश का यह तीसरा आयोजन है। कार्यक्रम में सहभागिता के लिए समाज के हर क्षेत्र के व्यक्तियों ने अपना पंजीयन करवाया है। कार्यक्रम में लगभग ढाई लाख व्यक्ति सहभागिता करेंगे। शासकीय विद्यालयों के बच्चों में भाषा कौशल उन्नयन, पाठ्य-पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य पुस्तकों को पढऩे, समझने की रुचि विकसित करने और सह-शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के बहु-आयामी विकास की दृष्टि से प्रदेश में यह कार्यक्रम किया जा रहा है।

शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं मेंं पढ़ाएंगे
कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले व्यक्ति शासकीय, प्राथमिक और माध्यमिक शाला में जाकर बच्चों को पाठ्य-पुस्तकों के साथ अन्य रुचिकर पुस्तकें पढऩे के लिए प्रेरित करेंगे। मिल-बांचें मध्यप्रदेश कार्यक्रम में अभी तक जिन 2 लाख से अधिक वॉलेंटियर्स ने अपना पंजीयन करवाया है, उनमें 23 हजार 211 युवा विद्यार्थी, 7.211 गृहणियां, 648 मीडिया मित्र, इंजीनियर्स 820, डॉक्टर्स 843, वकील 682, खिलाड़ी 390, स्वयंसेवी संगठन 2 हजार 233, सेवानिवृत्तकर्मी 4 हजार 594, निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मी 36 हजार 999, व्यवसायी 16 हजार 935, जन-प्रतिनिधि 19 हजार 218 और सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी 45 हजार 557 हैं।

किसी एक पाठ को पढ़ाना होगा, फिर होंगे सवाल-जवाब
कार्यक्रम में शामिल होने वाले वॉलेंटियर्स की इच्छानुसार एक बार अथवा नियमित रूप से सहभागिता के विकल्प दिए जा सकते हैं। वॉलेंटियर्स कार्यक्रम के दौरान हिन्दी पाठ्य.-पुस्तक अथवा शाला पुस्तकालय में उपलब्ध रुचिकर पुस्तकों में से किसी पुस्तक के एक पाठ का वाचन करेंगे। वाचन के बाद कक्षा में उपस्थित बच्चों से रुचिकर प्रश्न पूछकर और सामूहिक परिचर्चा कर संवाद एवं पढऩे की कला से परिचित करवाया जाएगा।

हर शनिवार को इसे निरंतर जारी रख दे सकेंगे योगदान
एक बार से अधिक उपस्थित होने वाले वॉलेंटियर्स शनिवार को स्कूल की साप्ताहिक बाल-सभा के दौरान शैक्षिक गतिविधियों का संचालन कर सकते हैं। वॉलेंटियर्स सरकारी शाला की सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेल-कूद, जीवन-कौशल संबंधी पृष्ठभूमि से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा वॉलेंटियर्स कॅरियर गाइडेंस, कहानी एवं लेख पढऩे में, चित्रकारी, नृत्य और संगीत में भी अपना सहयोग दे सकते हैं।

प्रदेश से इस बार ४६ हजार व्यक्ति इस तरह पढ़ाएंगे
मिल-बांचें मध्यप्रदेश में जिन वॉलेंटियर्स ने अपना पंजीयन करवाया है, उनमें से 80 हजार से अधिक व्यक्तियों ने विद्यालय को उपहार देने की इच्छा भी व्यक्त की है। कार्यक्रम में 46 हजार व्यक्ति स्कूल शिक्षा विभाग के गिफ्ट-अ-बुक कैम्पेन में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की उपयोगी पुस्तकें भेंट करेंगे। करीब 35 हजार वॉलेंटियर्स ने बाल उपयोग के उपहार देने की इच्छा व्यक्त की है।

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