वर्क फ्रॉम होम ने बढ़ाया बिजली कंपनी का 'बकाया भार', बकाया 350 करोड़ रुपए के पार

उज्जैन संभाग के 6 लाख उपभोक्ताओं पर बकाया 350 करोड़ रुपए पार...जून माह में लाखों उपभोक्ताओं ने अब तक नहीं चुकाया बिल...

By: Shailendra Sharma

Published: 03 Jul 2021, 11:00 PM IST

रतलाम. बिजली बिल राशि की वसूली में कमतर साबित हो रही विद्युत वितरण कंपनी अब उपभोक्ताओं के नए गणित में जुट गई है। कंपनी अफसरों का तर्क है कि लॉकडाउन और वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ने से बिजली की खपत बढ़ने के साथ ही बकाया का भार भी बढ़ गया है। दरअसल, लोग ज्यादा बिजली का उपभोग कर रहे हैं, लेकिन इसके एवज में दिए जा रहे बिल की राशि जमा ही नहीं कर रहे है। इससे बकाया का भार बढ़ता जा रहा है।

 

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बकाया राशि 350 करोड़ के पार
उज्जैन संभाग में करीब 6 लाख उपभोक्ताओं पर 350 करोड़ बकाया है। विद्युत वितरण कंपनी पश्चिम क्षेत्र के अनुसार, कोरोना कर्फ्यू, लॉकडाउन, बाजार बंद होने पर घरों में बिजली का भरपूर उपयोग हुआ। वर्क फ्रॉंम होम के चलते भी घरेलू बिजली की खपत बढ़ी, लेकिन रतलाम, मंदसौर, नीमच के लगभग ढाई लाख एवं उज्जैन संभाग के 6 लाख उपभोक्ताओं ने जून में बिजली का बिल नहीं चुकाया। अब उपभोक्ताओं पर 350 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया हो गया है। इतना ही नहीं, करीब 35 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिन पर दो वर्ष से बकाया चल रहा है। कंपनी का तर्क है कि वर्क फ्रॉम होम भी उपभोक्ताओं का बिजली बिल बढ़ा रहा है। बिजली कंपनी के जारी बिलों पर काफी लोग प्रश्न चिन्ह लगाते हैं, लेकिन डीटीएच, केबल, मोबाइल, लैंड लाइन फोन, होम लोन की किस्त आदि समय पर चुकाने वाले उपभोक्ता बिजली बिलों को लेकर ज्यादा उदासीनता बरत रहे है। बिजली कंपनी माइक, एसएमएस, कर्मचारियों को घर भेजकर बिल भरने का कह रही है, लेकिन उपभोक्ता बिल भरने के लिए आगे नहीं आ रहे है।

 

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रतलाम के 1 लाख उपभोक्ता समय पर नहीं जमा कर रहे बिजली बिल
जून में रतलाम जिले के एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने बिल नहीं भरा है, जबकि मंदसौर के 80 हजार एवं नीमच के 50 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने बिल नहीं चुकाया है। उज्जैन संभाग के सातों जिलों के कुल 6 लाख उपभोक्ताओं ने बिल की रकम नहीं जमा की है, जबकि इंदौर संभाग के भी 11 लाख उपभोक्ताओं पर 450 करोड़ रुपए बिल की राशि बकाया है, इससे अब बिजली कंपनी पर कनेक्शन काटने का दवाब बढ़ता जा रहा है। लॉकडाउन, कफ्र्यू में छूट के दौरान जून पहला माह था, इसलिए कंपनी ने कनेक्शन काटने की कार्रवाई में नरमी बरती, जुलाई में अब बकाया राशि वसूली के लिए कंपनी सघन अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। अभियान में बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे।

 

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आंकड़ों से जाने कंपनी का खपत गणित...
गर्मी में परिवार का दैनिक बिजली खर्च
कूलर - 20 रूपए
पंखे - 14 रूपए
टीवी - 8 रूपए
फ्रीज - 8 रूपए
लाइट - 10 रूपए
प्रेस - 5 रूपए
पानी मोटर - 6 रूपए
कीचन चिमनी - 5 रूपए
एयर कंडीशनर - 35 रूपए
सीसीटीवी सेट - 12 रूपए
मोबाइल चार्जिंग - 2 रूपए
आरओ मशीन - 3 रूपए
एक्जास मशीन - 3 रूपए

नोट - जानकारी बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार।

 

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अब होगी सख्ती शुरु
कोरोना कर्फ्यू के दौरान आबादी क्षेत्रों में बिजली का अधिक उपयोग हुआ, गर्मी एवं वर्क फ्रॉम होम भी इसका कारण रहा है। जून में अनलाक की स्थिति बनी, बकाया वसूली को लेकर जून माह में कंपनी ने ज्यादा सख्ती नहीं की है। जुलाई में बकाया वसूली में तेजी लाई जाएगी, बार बार सूचना देने के बाद भी कई माह से बिल नहीं भरे जा रहे है। अब सख्ती करने की तैयारी हो रही है।
- अमित तोमर, प्रबंध निदेशक, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

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