मध्यप्रदेश का ये बच्चा बना 'यंगेस्ट मल्टी टैलेंटेड बॉय', दो साल की उम्र में बनाया world record

दो साल के आर्यवान (Aaryavaan) ने अपने नाम किया कलाम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 'एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी ग्रास्पिंग पावर जीनीयस किड' एवं 'नोबल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स'..

By: Shailendra Sharma

Updated: 09 May 2021, 04:09 PM IST

रतलाम. कोविड-19 महामारी (covid-19) के संघर्षपूर्ण समय में रतलाम (ratlam) शहर के नन्हे आर्यवान जोशी (Aaryavaan joshi) ने मात्र 2 वर्ष की उम्र में विश्व रिकॉर्ड (world record) बना कर रतलाम नगर व देश का का नाम रोशन किया है। महज दो साल की उम्र में ही आर्यवान ने 4 वर्ष के बालक का रिकॉर्ड तोडकर 'यंगेस्ट मल्टी टैलेंटेड बॉय' (youngest multi talented boy) का टाइटल हासिल करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है और इसी तरह से नोबल वर्ल्ड रिकॉर्ड के माध्यम से भारत,अमेरिका,इंग्लैंड सहित 120 देशों में यह रिकॉर्ड पब्लिश किया गया है।

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आर्यवान द 'यंगेस्ट मल्टी टैलेंटेड ब्वॉय'
मात्र 2 वर्ष की उम्र के आर्यवान कितने टैलेंटेड हैं इसका अंदाज आप इस बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने 18 मानकों को पूरा करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया है इन मानकों में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं।

1. गायत्री मंत्र उच्चारण
2. 1 से 200 नंबर तक बोलना
3. 1 से 100 नंबर तक पढ़ना
4. अंग्रेजी अल्फाबेट बोलना व लिखना
5. 3 अक्षरों के शब्दों के अंग्रेजी वाक्य पढ़ना
6. वीक डे
7. प्लानेट नेम्स ऑफ सोलर सिस्टम
8. पीरियोडिक टेबल में 1 से 20 एटॉमिक नंबर तक एलिमेंट्स याद करना
9. मैथमेटिकल सिंबॉल्स पहचानना एवं बनाना
10. हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के सात स्वरों को गाना
11. रेनबो कलर्स पहचानना
12. 30 जानवरों के नाम
13. 31 फलों के नाम
14.16 पक्षियों के नाम
15. 12 शेप्स पहचानना एवं बनाना
16. 30 ह्यूमन बॉडी पार्ट्स पहचानना
17. केलकुलेटर एवं लैपटॉप कीबोर्ड के नाम पहचाना
18. 25 सिमिलर ऑब्जेक्ट को 2 मिनट में मैच करना

यह सारे अचीवमेंट अपने नाम कर आर्यवान ने कलाम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 'एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी ग्रास्पिंग पावर जीनीयस किड' एवं 'नोबल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' बनाया है। आर्यवान जोशी की माता मिसेज इंडिया 2018 दिव्या पाटीदार जोशी व पिता मर्चेंट नेवी ऑफिसर प्रयास जोशी ने बताया कि आर्यवान 6 माह की उम्र से ही अक्षरों में एवं पढ़ने लिखने में रुचि लेता है। इसी बात को पहचान कर आर्यवान की मॉम ने आर्यवान को ट्रेनिंग देना शुरू कर दी। लॉकडाउन के इस संघर्ष पूर्ण समय का सदुपयोग कर आर्यवान एवं उनके माता-पिता ने लॉकडाउन में अपना समय अपने बच्चे के विकास में केंद्रित कर संपूर्ण समाज के लिए एक उदाहरण पेश किया है |

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कई स्कूलों में आ रहे ऑफर
आर्यवान का अभी स्कूल में एडमिशन भी नहीं हुआ है लेकिन इस सफलता के कारण विश्व के कई स्कूलों में प्रॉडिजी कोटा (विलक्षण गुण संपन्न) माध्यम से एडमिशन के लिए ऑफर दिए गए हैं| इस उपलब्धि पर आर्यवान के दादाजी रेलवे सेक्शन इंजीनियर राजेंद्र कुमार जोशी व नानाजी शिक्षक व्हि.सी. पाटीदार एवं समस्त परिवार जन ने उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं एवं हर्षोल्लास व्यक्त किया है।

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