FAR में खुलासा, आम्रपाली ने की थी घर खरीदारों के 3,000 करोड़ रुपए की हेराफेरी

  • फाॅरेंसिक आॅडिट रिपोर्ट में हुआ आम्रपाली ग्रुप के बारे में बड़ा खुलासा
  • ग्रुप ने होम बायर्स के 3000 करोड़ रुपयों के साथ की थी बड़ी हेरा फेरी
  • आॅडिटर्स ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी 2000 पन्नों की रिपोर्ट

By: manish ranjan

Updated: 29 Mar 2019, 12:12 PM IST

लनर्इ दिल्ली। फाॅरेंसिक आॅडिट रिपोर्ट (FAR) में खुलासा हुआ है कि रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप ने घर खरीदारों के 3000 करोड़ रुपए की हेराफेरी की थी। ग्रुप के डूबने की भी सबसे बड़ी वजह यही है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मकान खरीदारों के रुपयों के दुरुपयोग की जानकारी हासिल करने के लिए करीब 7 महीने पहले फाॅरेंसिक आॅडिट को आदेश दिया था। जिसके बाद यह खुलासा संभव हो सका है। सुप्रीम कोर्ट में ऑडिटर रवि भाटिया तथा पवन अग्रवाल ने 2,000 पन्नों की रिपोर्ट जमा की है।

खोली गर्इं शेल कंपनियां
दोनों आॅडिटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ग्रुप ने रुपयों की हेराफेरी के लिए 100 से भी अधिक शेल कंपनियां निर्मित की थी। सभी कंपनियां अधिकारियों आैर चपरासियों के नाम पर खोली गर्इ थीं। इन रुपयों का इस्तेमाल कंपनी के डायरेक्टर्स, अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों ने व्यक्तिगत फायदे के लिए किया। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी बाजार की परिस्थितयां बदलने या निवेश का फैसला गलत होने की वजह से नहीं डूबी, बल्कि यह ग्रुप के मालिकों द्वारा जानबूझकर किए गए आपराधिक कृत्यों की वजह से डूबी है। अब न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की अदालत 9 अप्रैल को उसकी पड़ताल करेगा।

सुप्रीम कोर्ट को था पहले से ही शक
फॉरेंसिक आॅडिट की रिपोर्ट जिस तरह से सामने आर्इ है सुप्रीम कोर्ट को पहले ही शक था कि ग्रुप ने ही मकान खरीदारों के रुपयों के साथ हेराफेरी की है। ऑडिटर्स ने कोर्ट को संदिग्ध और बेनामी होमबायर्स की एक सूची भी सौंपी है, जिनके नाम पर लाखों के फ्लैट बेहद कम कीमत पर बुक किए गए। ऑडिटरों ने कहा है कि होमबायर्स के पैसों की हेराफेरी में आम्रपाली ग्रुप के निदेशकों, मुख्य वित्तीय अधिकारी और सांविधिक ऑडिटरों की मिलीभगत रही है। आपको बता दें कि आम्रपाली हाउजिंग प्रॉजेक्ट्स में लगभग 46 हजार लोगों ने निवेश किया है, लेकिन उन्हें फ्लैट नहीं दिया गया।

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