SC ने यूनिटेक को लगाई फटकार, कहा— संपति बेचकर बायर्स का पैसा लौटाए

SC ने यूनिटेक को लगाई फटकार, कहा— संपति बेचकर बायर्स का पैसा लौटाए

Kamal Rajpoot | Publish: Mar, 14 2018 12:17:58 PM (IST) रियल एस्टेट

यहां तक कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक से संपत्ति की डिटेल भी मांगी है। इस केस की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।

उच्चतम न्यायालय ने रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक पर नकेल कसने की तैयारी कर ली। कोर्ट ने यूनिटेक को फटकार लगाते हुए कहा कि उसने अपने बायर्स को धोखा दिया है। कंपनी को अपनी संपत्ति को बेचकर बायर्स को पैसा देना चाहिए। यहां तक कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक से संपत्ति की डिटेल भी मांगी है। इस केस की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।

हालांकि सोमवार को हुई सुनवाई में रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक अपनी संपत्ति की डिटेल पेश की थी लेकिन वो अधूरी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश की दिए कि वो अपनी अगली सुनवाई में अपनी प्रोपर्टी की पूरी डिटेल पेश करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि वे इस मामले की पूरी जांच के लिए एक्‍सपर्ट भी नियुक्‍त किए जा सकते हैं।

इसके सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी जेएम फाइनेंस लिमिटेड पर भी 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, क्‍योंकि जेएम फाइनेंस ने इस केस को डायवर्ट करने की कोशिश की थी। जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड ने यूनिटेक के लोन को टेक ओवर कर लिया है। इससे नाराज कोर्ट ने कहा कि आप (जेएम फाइनेंस) इस मामले को अनावश्‍यक ही डायवर्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट अपनी अगली सुनवाई में यूनिटेक के खिलाफ क्या एक्शन लेता है ?

इससे कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2021’ के प्रस्तावित संशोधनों पर रोक लगा दी थी। संशोधनों के तहत धरातलीय क्षेत्रफल अनुपात (एफएआर) बढ़ाकर राष्ट्रीय राजधानी में सीलिंग ड्राइव से व्यापारियों को राहत देने की बात कही गई थी। जस्टिस मदन बी. लोकर और जस्टिस दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने मास्टर प्लान में संशोधन से पर्यावरण पर प्रभाव के आकलन वाला हलफनामा दाखिल न करने पर दिल्ली सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि यह अवमानना है।

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