बच्चों को आज्ञाकारी बनाना चाहते हैं तो आजमाएं ये टिप्स, हर हाल में होगा फायदा

बच्चों को आज्ञाकारी बनाना चाहते हैं तो आजमाएं ये टिप्स, हर हाल में होगा फायदा

Sunil Sharma | Publish: Aug, 29 2018 10:25:38 AM (IST) रिलेशनशिप

चाइल्ड साइकेटिस्ट्स के अनुसार बच्चों को न केवल स्मार्टफोन की लत वरन सोशल मीडिया से बचाना भी काफी जरूरी है।

आज सभी अभिभावक ये जानना चाहते हैं कि वो अपने बच्चों की बढ़ती स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की आदत को कैसे सही करें। चाइल्ड साइकेटिस्ट्स के अनुसार बच्चों को न केवल स्मार्टफोन की लत वरन सोशल मीडिया से बचाना भी काफी जरूरी है। इसके लिए वो कई सुझाव देते हैं जिनकी मदद से पैरेंट्स अपने बच्चों को अपने करीब ला सकते हैं और तकनीक के बढ़ते प्रयोग से बचा सकते हैं। उम्मीद है कि ये टिप्स आपको अपने बच्चों के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और अभिभावकों को इससे काफी फायदा होगा।

मुद्दे को समझें
एक खबर चली ‘हैव स्मार्टफोन डिस्ट्रॉयड ए जनरेशन’ (क्या स्मार्टफोन एक पीढ़ी को खत्म कर रहे हैं)। हेडलाइन भयानक थी। लेख में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया को भावनात्मक तनाव से जोड़ा गया था। उदाहरण के तौर पर एक ८वीं क्लास का बच्चा हफ्ते में दस घंटे से अधिक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता है तो इसका असर उसकी खुशी पर पड़ेगा ही।

स्विच से दूर रहें
हमारी सलाह है डिवाइस फ्री डिनर प्लान करें यानि रात के खाने के वक्त कोई मोबाइल या दूसरा गैजेट पास न रखें। खाने की टेबल पर जब बैठें तो ऐसा कोई उपकरण न हो जिसमें ऑन और ऑफ का स्विच हो। आप ऐसा करते हैं तो परिवार और बच्चों के बीच जो बातचीत का दौर शुरू होगा वह संतुष्टि और खुशी का भाव देगा।

शो के बारे में बात करें
नेटफ्लिक्स शो देखना अच्छा है लेकिन अभी ये ताजा मसला है। यह तय करना होगा कि क्यों। अगर हां तो किन शर्तों के साथ। निर्णय लेने के लिए खुद को तैयार करें। इससे आप शो के बारे में बच्चों से बात कर सकते हैं और उन्हें उस शो से क्या सीखना है, बता सकते हैं।

बच्चों को समय दें
हमने सोचना शुरू कर दिया है कि कैसे स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ने कॉलेज कैंपस को बदल दिया है। बच्चे की कॉलेज लाइफ के साथ आप भी समय दें ताकि उसे लगे कि आपका सहयोग कर रहे हैं।

योजना बनाने में मदद लें
आप अमरीकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के फैमिली मीडिया प्लान को पढ़े तथा उसे समझें। इससे आपको पता चलेगा कि कैसे लोग अलग-अलग मीडिया में उलझते जा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि एक ही सांचें में सबको नहीं ढाला जा सकता है। ऐसे में उनके बताए प्लान आपके परिवार के लिए विशेष फायदेमंद हो सकते हैं।

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