How to boost childhood friendship:कैसे करें बचपन की दोस्ती को ताजा

दोस्ती हमारे जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है यह तो हम सब जानते हैं । ये एक ऐसा अनमोल रिश्ता है जिसके बिना जीवन अधूरा लगता है । फिर बचपन के दोस्तों की बात तो अलग ही है ।जिनके साथ हमने अपने सबसे मासूम दिन बिताए उन दोस्तों को फिर से अपने जीवन में लाने का सबका मन होता है। तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको आपके बचपन की दोस्ती को फिर से तरोताजा करने के कुछ उपाय बताएंगे।

By: Divya Kashyap

Updated: 07 Sep 2021, 05:08 PM IST

नई दिल्ली । बचपन की दोस्ती खून के रिश्तो पर भी भारी पड़ जाती है। कभी तकरार तो कभी प्यार लेकिन दोस्ती में जान देने को भी तैयार। ऐसे होते हैं बचपन के यार। क्लास वन में बनी दोस्ती हो या फिर नर्सरी – केजी की ऐसी मासूम दोस्ती आगे चलकर कितने भी दोस्त बना ले नहीं बन पाती । धीरे-धीरे हम बड़े हो जाते हैं और अपने काम में व्यस्त रहने लगते हैं। जिसके कारण हमारा अपने उन जिगरी यारो से नाता टूट जाता है।
पर लॉकडाउन के समय जब लोगों को मौका मिला तो वापस अपने दोस्तों से जुड़कर उन्हें दोस्ती की अहमियत का पता चला। इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने बचपन की दोस्ती को ताजा कर सकते हैं। दोस्तों के बिना जिंदगी ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म सी लगती है और उनके आते ही यह एक कलर मूवी बन जाती है।

-समय निकालें
कहते हैं जो काम इंसान के लिए जरूरी होता है वह उसके लिए वक्त निकाल ही लेता है। लॉकडाउन के समय तो अपने बचपन के दोस्तों से जुड़कर हम सब ने जाना था कि यह हमारे जिंदगी की खुशियों के लिए कितना जरूरी है। अब जरूरत है की अपने बिजी शेड्यूल्स से भी समय निकालकर हम अपने दोस्तों के साथ थोड़ा समय बाटे।

-रियल नहीं तो वर्चुअल मिले
जरूरी नहीं कि हम हमेशा अपने दोस्तों को जाकर ही मिले।जरूरत के अनुसार हम उनसे ऑनलाइन भी मिल सकते हैं वीडियो कॉल, कॉल के जरिए भी हम उन से कनेक्ट होकर अपने मन की बात साझा कर सकते हैं।

- बचपन की तरह फिर से करें एक दूसरे को बर्थडे विश

याद है जब आप छोटे थे तो इसी बेस्ट फ्रेंड के बर्थडे के लिए कितने एक्साइटेड होते थे । आज फिर से उनके जन्मदिन पर उतना ही एक्साइटेड होकर सेलिब्रेट करें यह आपकी दोस्ती को फिर से तरोताजा कर देगा।

-एक दूसरे को निक नेम से ही बुलाएं

जो नाम आपने एक दूसरे को बचपन में दिए थे। उसी से एक दूसरे को संबोधित करें। भले ही अब आप बड़े हो गए हैं पर अगर आप एक दूसरे को निकनेम से बुलाएंगे तो यह अपनापन दर्शाता है।

Divya Kashyap
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