भोलेनाथ का एक ऐसा मंदिर जहां इस अद्भूत आस्था को ध्यान में रखकर किया जाता केकड़े का चढावा

Ravi Gupta

Publish: Jan, 14 2018 01:38:27 PM (IST)

धर्म और आध्यात्मिकता
भोलेनाथ का एक ऐसा मंदिर जहां इस अद्भूत आस्था को ध्यान में रखकर किया जाता केकड़े का चढावा

ये मंदिर सूरत में स्थित है जहां पर केकड़े का चढ़ावा किया जाता है।

नई दिल्ली। भारत एक ऐसा देश है जहां कई धर्म और संप्रदाय से जुड़े लोग साथ-साथ मिलकर रहते हैं और इन सभी के अपने नियम है, ये सभी उन नियमों का पालन करते हैं और उन पर आस्था भी रखते हंै। एक ऐसा देश जहां अनेकों महापुरूषों का जन्म हुआ है। यहां के हर जगह पर आपको आस्था से जुड़ी कुछ न कुछ अवश्य ही देखने को मिलेगी। अपने इन्हीं किस्सों से भारत पूरी दुनिया में एक अलग पहचान रखता है। आज हम आपको आस्था और भक्ति से जुड़े एक ऐसे ही किस्से के बारे में बताने जा रहे हैं। एक ऐसा मंदिर जहां सालों से एक अनोखी परंपरा का पालन किया जा रहा है। दरअसल ये मंदिर सूरत में स्थित है जहां पर केकड़े का चढ़ावा किया जाता है। लेकिन आखिर ऐसा क्या है कि ऐसा किया जाता है तो चलिए आपको आज इसके बारे में पूरी बात बताते है।

Temple

सूरत के उमरा में स्थित इस मंदिर में आने वाले भक्तों का कहना है कि केकड़े चढ़ाने से उनका स्वास्थ्य सही-सलामत रहेगा और इससे कान संबंधित बीमारियां भी ठीक होती हैं और तो और मकर संक्रांति के मौके पर जिंदा केकड़े भगवान शिव को चढ़ाए जाते हैं। मंदिर के पुजारी का इस विषय में कहना है कि इस परंपरा का उल्लेख हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथ रामायण में मिलता है। वे ऐसा अपनी मन्नतें पूरी करने के लिए करते हैं। केकड़े समर्पित करने की ये प्रथा दशकों पुरानी है।

इस मामले पर मंदिर के पुजारी का कहना है कि समुद्र की लहर में बह आए एक केकड़े ने भगवान राम को प्रसन्न कर दिया था। जिसके बाद उसे पूजा का एक अभिन्न अंग बने रहने का आशीर्वाद मिला था। इसी वजह से लोग मंदिर में अपनी बीमारी को लेकर आते हैं और उसे चढ़ाते हैं। यहां पर भगवान शिव को केकड़ा चढ़ाया जाता है। पूरा मंदिर परिसर ही ङ्क्षजंदा या मृत केकड़ों से लैस होता है जिसका नज़ारा बहुत ही अद्भूत होता है। यहां मंदिर के बाहर ही केकड़ों का स्टॉल लगा रहता है जहां से श्रद्धलू के कड़ें खरीदकर ले जाते है और भगवान को चढ़ाते हैं।

 

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