भारत के इस मंदिर पर वैज्ञानिकों ने भी जोड़ लिए हाथ, बताया हिंदू धर्म को सबसे महान

Ravi Gupta

Publish: Feb, 15 2018 04:42:00 PM (IST)

धर्म और आध्यात्मिकता
1/4

नई दिल्ली। भारत एक धार्मिक देश है। जहां कई धर्म के लोग रहते हैं, जो हर रोज अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर खुद के लिए, अपने परिवार के लिए दुआएं मांगते हैं। लेकिन कभी-कभी ऐसा देखा जाता है कि मान्याताओं के ऊपर विश्वास उठने लगते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इसके पीछे कोई साइंटिफिक लॉजिक नहीं है। ऐसा कोई चमत्कार हो ही नहीं सकता। लेकिन एक मंदिर ऐसा है कि जहां वैज्ञानिकों ने भी अपने हाथ जोड़ लिए हैं। इस मंदिर का नाम है जगन्नाथ मंदिर। इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ के अलावा उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा भी विराजमान हैं। ऐसा कहा जाता है कि द्वापर युग के बाद भगवान कृष्ण ने जगन्नाथ के रूप में पुरी में निवास किया था।

आज हम आपको बताएंगे जगन्नाथ के कुछ ऐसे रहस्य जिनके बारे में आप भी हैरान रह जाएंगे। जैसे यहां मौजूद मंदिर के ऊपर लगा ध्वज हवा की दिशा में नहीं बल्कि उसके विपरीत लहराता है। ऐसा क्यों होता है इस बारे में आजकर कोई पता नहीं लगा पाया है। वैज्ञानिकों ने भी इसके पीछे के राज जानने की कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहे। इस ध्वज की बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं हो जाती है। बल्कि हर शाम में यह ध्वज उल्टा हो जाता है। बता दें कि इस ध्वज पर शिव का चंद्र बना हुआ है।

सिर्फ ध्वज ही नहीं गुंबद को लेकर भी वैज्ञानिक हैरान है। यहां बने गुंबद की परछाई नहीं बनती हैं। जगन्नाथ मंदिर दुनिया का सबसे भव्य और ऊंचा मंदिर है। जो कि 4 लाख वर्गफुट क्षेत्र में फैला हुआ है। इस मंदिर की ऊंचाई 214 फुट है।

Ad Block is Banned