ये हैं 6 कारण, जिनकी वजह से इंसान समाज में होता है अपमानित

ये हैं 6 कारण, जिनकी वजह से इंसान समाज में होता है अपमानित

Shyam Kishor | Publish: Apr, 23 2019 03:57:18 PM (IST) | Updated: Apr, 23 2019 03:57:19 PM (IST) धर्म और आध्यात्मिकता

ये हैं 6 कारण, जिनकी वजह से इंसान समाज में होता है अपमानित

वक्त के साथ बहुत कुछ बदल जाता है लेकिन इंसान के जीवन में कुछ ऐसी चीजें हैं, जो हमेशा प्रभावित करती रहती हैं। जाने-अनजाने में की गई गलतियां इंसान के अपमान का कारण बनती हैं। यही कारण है कि शास्त्रों में की गई ज्ञान की बातें, आज भी हमें सही राह दिखाती हैं।

 

वाणी पर संयम और नियंत्रण रखना

हमारे जीवन में वाणी का बहुत ही महत्व है। कहा जाता है कि वाणी में अमृत और विष दोनों का वास होता है। माना जाता है कि अगर इंसान के वाणी पर विष का प्रभाव हो तो मित्र भी दुश्मन बन जाते हैं। यही नहीं, अगर हमारे वाणी पर अमृत का वास हो तो दुश्मन भी मित्र बन जाते हैं। ऐसे में हमें वाणी पर संयम और नियंत्रण रखना अत्यंत जरूरी है।

 

दूसरे से तुलना करना

जब इंसान अपनी तुलना किसी और से शुरू कर देता है तो कहा जाता है कि अब उसका पतन शुरू हो गया है। क्योंकि इंसान किसी से खुद की तुलना उसके उप्लब्धियों और तौर तरीके पर गौर करता है लेकिन ये कभी नहीं सोचता है कि उस स्थान तक पहुंचने के लिए उस शख्स ने कितनी मेहनत की होगी। इंसान मेहनत करने की बजाय तुलना शुरू कर देता है, जिस कारण उसका पतन शुरू हो जाता है। इस कारण वह समाज में हंसी का पात्र बन जाता है और अपमान का भी सामना करना पड़ता है।

 

क्षमता के अनुसार दान

हमारे शास्त्रों में दान बहुत ही पुण्य कार्य माना गया है। कहा जाता है कि जरूरतमंदों की मदद हमेश करनी चाहिए। लेकिन कभी-कभी हम मदद करते समय अपनी जेब नहीं देखते हैं और क्षमता से अधिक दान कर देते हैं, जिस कारण हम समस्याओं से जूझने लगते हैं। कभी-कभी दूसरे के सामने हाथ फैलाने की नौबत तक आ जाती है।

 

बच्चों की अनदेखी

हर माता-पिता का यह कर्तव्य है कि वो अपने बच्चों की पालन-पोषण ईमानदारी से करे। पालन-पोषण तब तक करना चाहिए जब तक वे अपने पैरों पर खड़े न हो जाएं। साथ ही उनके क्रिया कलापों पर भी ध्यान देना चाहिए। नहीं तो उनके क्रिया कलापों का फायदा कोई और उठा लेगा। जिस कारण समाज में हमें अपमान का सामना करना पड़ता है।


जीवनसाथी का सम्मान करना

सांसारिक जीवन में अगर हम जीवनसाथी या पार्टनर का साथ नहीं देते हैं तो ये भी एक अपमान का कारण बन सकता है। अमूमन देखा जाता है कि दूसरे के सामने हम अपने पार्टनर का शिकायत करने लगते हैं। कई बार समाज में जीवनसाथी के कारण ही अपमान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अपने पार्टनर का साथ हमेशा दें।

 

गलत लोगों के साथ न रहें

इंसान खुद कितना भी सही क्यों न हो, लेकिन समाज में आप अपना वक्त किसके साथ बिताते हैं, वो बहुत ही मायने रखता है। कहा जाता है कि गलत संगत कोयले के सामान होता है। यानि अगर कोयला गर्म हो तो हाथ जला देगी और ठंडा होने पर हाथ काले कर देगी। अर्थात इंसान खुद कितना भी सही क्यों न हो, लेकिन संगत के कारण लोग उसे बुरे नजर से देखने लगते हैं।

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