उदयपुर के इन गणेश मंदिरों का है अनूठा इतिहास, तस्वीरों में जानिए सच्चाई

Dhirendra Kumar Joshi

Publish: Aug, 24 2017 03:23:00 PM (IST)

धर्म और आध्यात्मिकता

Bohra ganesh ji

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यूं तो शहर में गणपति के कई मंदिर है, लेकिन, बोहरा गणेशजी मंदिर आस्था का केंद्र है। इससे रोचक प्रसंग भी जुड़ा है। मंदिर 350 साल पुराना है। वास्तविक नाम ‘बोर गणेशजी’ था। यहां गणेश मूर्ति नृत्य मुद्रा की है। मान्यता है कि दशकों पूर्व लोगों की आर्थिक जरुरतें यहां से पूरी हो जाती थी। मांगलिक आयोजनों के लिए खर्च का बंदोबस्त सहज हो जाता था। गणपति के चरणों में अर्जी लगाई जाती और सारी परेशानियां दूर हो जाती। भक्तों को लगने लगा कि गणपति से अर्जी के कारण ही आर्थिक मदद हुई है। ऐसे में वे सूद समेत राशि गणेश जी को अर्पित करते। पुरानी परंपरा के अनुसार ब्याज पर रकम देने का काम बोहरा समाज का इतिहास रहा है। इसी प्रथा को गणपति से जोड़ा गया और नाम बोहरा गणेश पड़ा। हालांकि अब यह प्रथा नहीं है, लेकिन आस्था बरकरार है।

उदयपुर. जितनी अनूठी मेवाड़ की परंपराएं हैं, उतनी ही अनूठी धार्मिक मान्यताएं भी हैं। गणेश चतुर्थी के मौके पर अगर गणेश प्रतिमाओं की ही बात करें तो वे भी बहुत अहमियत रखती है। 

 

 

 

 

 

 

 

 

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