योग: शूल नामक योग दोपहर 12.28 तक, इसके बाद गंड नामक योग है। दोनों ही नैसर्गिक अशुभ योग है। गंड नामक योग की प्रथम 6 घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग प्रात: 8.39 से प्रारम्भ, जो सम्पूर्ण दिवारात्रि है।

 

 

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