अमावस्या को करें ये छोटा सा अचूक उपाय, मनचाहे काम में सफल होंगे

अमावस्या को सनातन धर्म में पितरों की तिथि माना गया है, पितरों की कृपा से व्यक्ति लगातार तरक्की करता चला जाता है

By: सुनील शर्मा

Published: 27 Sep 2016, 12:12 PM IST

पितृ पक्ष के अंतिम दिन अर्थात सर्वपितृ अमावस्या को सनातन धर्म में पितरों की तिथि माना गया है। ज्योतिष तथा धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन घर के पितरों को संतुष्ट करने से व्यक्ति का बड़े से बड़ा दुर्भाग्य भी नष्ट हो जाता है। पितरों की कृपा से व्यक्ति न केवल लगातार तरक्की करता चला जाता है वरन उसकी घर-परिवार, समाज तथा आस-पास के माहौल में प्रतिष्ठा भी बढ़ने लगती है।

आइए आज जानते हैं ऐसे ही दो उपायों के बारे में जिन्हें करना बहुत आसान तो है ही लेकिन ये उसी दिन से असर दिखाना आरंभ कर देते हैं और व्यक्ति को सौभाग्य तथा सफलता के सर्वोच्च शिखर पर ले जाते हैं।

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पहला उपाय

अमावस्या को किसी पीपल के वृक्ष की पूजा करें तथा पेड़ को जनेऊ व अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें। इससे श्रीहरि तथा मां महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर की सभी परेशानियां दूर होकर धन, सुख-संपत्ति आनी आरंभ हो जाती है।

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दूसरा उपाय
पितृपक्ष के अंतिम दिन अर्थात सर्वपितृ अमावस्या के दिन में किसी भी समय, स्टील के लोटे में, दूध, पानी, काले और सफ़ेद तिल एवं जौ मिला ले, इसके साथ कोई भी सफेद मिठाई, एक नारियल, कुछ सिक्के, तथा एक जनेऊ लेकर पीपल वृक्ष के नीचे जाकर सर्व प्रथम लोटे की समस्त सामग्री पीपल की जड़ में अर्पित कर दे। इस दौरान लगातार "ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः" का जाप करते रहे। इसके पश्चात निम्न मंत्र को पड़ते हुए पीपल पर जनेऊ अर्पित करे ।

ॐ प्रथम पितृ नारायणाय नमः

तत्पश्चात पीपल के वृक्ष के नीचे मिठाई, दक्षिणा तथा नारियल रखकर दो अगरबत्ती जलाकर "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जप करते हुए सात बार परिक्रमा करें। अंत में  भगवान विष्णु से प्रार्थना करे कि "मुझ पर और मेरे पूरे वंश पर आपकी तथा हमारे पितरों की सदैव कृपा बनी रहे।"

इस उपाय से व्यक्ति को पितरों की कृपा प्राप्त होती है और उसे जीवन के सभी क्षेत्रों में मनचाही सफलता प्राप्त होती है।
सुनील शर्मा
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