भूत-प्रेत, शनि की साढ़े साती की शांति के लिए लाभकारी है मंगल का व्रत

मंगल दोष से पीड़ित अथवा शनि की साढ़े साती या ढैय्या की शांति के लिए भी मंगलवार का व्रत रखते हैं।

By: Devendra Kashyap

Updated: 06 Jan 2020, 06:44 PM IST

हिंदू धर्म में हर दिन का अपना-अपना महत्व होता है। हिंदू धर्म में सबसे लोकप्रिय व्रत मंगलवार का होता है। मंगल दोष से पीड़ित अथवा शनि की साढ़े साती या ढैय्या की शांति के लिए भी मंगलवार का व्रत रखते हैं। कुछ ज्योतिषि मंगलवार के व्रत को मंगल ग्रहों से भी जोड़ कर देखते हैं।


दरअसल, मंगल सौरमंडल के नवग्रहों में से एक है. जिसे अंगारक कहते हैं। ज्योतिषियों का मानना होता है कि जिनकी कुंडली में मंगल दोष है या मंगल कमजोर या नीच स्थिति में होता है, उन्हें मंगलवार का व्रत आवश्यक रूप से रखना चाहिए।


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगलवार का व्रत रखने से मंगल ग्रह मजबूत होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती है। माना जाता है कि मंगल ग्रह बुरा होने पर परिवार में कष्ट और अशांति होती है। इसके अलावा भूत-प्रेत और काले सायों जैसी बाधाओं से मुक्ति दिलाने में भी मंगल का व्रत मदद करता है।


व्रत की विधि

मंगलवार का व्रत बहुत शुद्ध विचारों और सकारात्मक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए करना चाहिए।

मंगलवार के दिन सुबह उठकर स्नान ध्यान करने के बाद लाल रंग के वस्त्र धारण करें

इसके बाद पूरे विधि विधान से हनुमान जी की पूजा-अर्चना करें।

हनुमान जी को प्रसाद में लड्डू अथवा खीर चढ़ाएं।

हनुमान जी को लाल फूल, सिंदूर और अक्षत अर्पित करें।

हनुमान चालीसा अथवा सुंदरकांड का पाठ पढ़ें और अंत में आरती करें।

ध्यान रखें कि मंगलवार का व्रत करने वाले व्यक्ति को नमक का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

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