
Astro Tips: पूजा के दौरान कलावा बांधते समय भूल से भी ना करें ये गलतियां, वरना झेलने पड़ सकते हैं अशुभ परिणाम
हिंदू शास्त्रों में पूजा-पाठ के दौरान बांधा जाने वाला कलावा बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस रक्षा सूत्र को बांधते समय व्यक्ति के जीवन में आने वाले संकटों से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हाथ में कलावा बांधने से तीन महादेवियों मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां काली के आशीर्वाद से संपत्ति, विद्या और शक्ति की प्राप्ति होती है। ऐसे में इस पूजनीय धागे को बांधते समय कुछ नियमों की पालना करना भी आवश्यक माना गया है। अन्यथा जीवन में अशुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं...
1. किस हाथ में कलावा बांधना चाहिए
हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पुरुषों और अविवाहित कन्याओं को अपने दाएं हाथ में कलावा बांधना चाहिए। जबकि शादीशुदा महिलाएं अपने बाएं हाथ में कलावा बंधवाएं।
2. किस दिन कलावा बदलना चाहिए
माना जाता है कि संकटों की रक्षा के लिए बांधा जाने वाला कलावा मन चाहे तभी नहीं बदलना चाहिए। अगर आपको कलावा बदलना है तो इसे मंगलवार या शनिवार के दिन भी बदलें। वहीं पुराना कलावा तोड़ने के बाद पूजा स्थल पर ही नया रक्षा सूत्र बंधवा लें।
3. पुराना या तोड़ा हुआ कलावा कहां डालें
पूजनीय माने जाने वाले कलावे को कहीं भी उतारकर नहीं फेंक देना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना अशुभ माना जाता है। कलावा तोड़ने या इसे हाथ से निकालने के बाद किसी नदी में बहा आएं या फिर किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं।
4. कलावे को कितनी बार लपेटें
कलावा बंधवाने के समय इस नियम का ध्यान रखना भी जरूरी है कि कलावे को हाथ में कितनी बार लपेटना चाहिए। साथ ही कलावा बांधते समय अपने हाथ में एक सिक्का लेकर मुट्ठी बंद रखें और दूसरा हाथ अपने सिर पर रखें। अब जिस किसी से भी आप कलावा बंधवा रहे हैं उससे अपने हाथ में इसे 2, 3 या 5 बार लपेटवाएं। इसके बाद आप अपने हाथ का सिक्का उसे दे दें।
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Updated on:
18 Apr 2022, 9:45 AM IST
Published on:
18 Apr 2022, 9:44 AM IST
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