श्री गणेश के विशेष मंत्र और नाम, जो तुरंत दिखाते हैं असर

अभिष्ट फल की होती है प्राप्ति...

By: दीपेश तिवारी

Published: 22 Jul 2020, 11:00 AM IST

आदिपंच देवों में से एक व प्रथम पूज्य देव श्री गणेश कलयुग के भी देवता माने गए हैं।ऐसेमेंजानकारोंकेअनुसारश्री गणेश जी की आराधना से अर्थ, विद्या, बुद्धि, विवेक, यश, प्रसिद्धि, सिद्धि की उपलब्धि सहज ही प्राप्त हो जाती है।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार ऐसे विघ्न विनाशक भगवान श्रीगणेश का कुछ खास मंत्रों से जाप करने से हर परेशानी, संकट, विघ्न, आलस्य, रोग, बेरोजगारी, धनाभाव आदि समस्याओं का तत्काल निवारण हो जाता है। वहीं यह भी माना जाता है कि भगवान श्री गणेशजी के चौदह नामों का जो कोई भी व्यक्ति नित्य स्मरण करता है, उसे निश्चित रूप से ही अभिष्ट फल की प्राप्ति होती है। धन की चाह रखने वालों को धन और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

ऐसे में आज हम आपको भगवान श्रीगणेश के तुरंत असरकारी मंत्र व चौदह नामों के बारें में बता रहे हैं, जिनका जाप तुरंत असर दिखाता है।

MUST READ : जुलाई 2020 कैलेंडर और पंचांग, जानें क्या है खास

jg.jpg

श्रीगणेश के तुरंत असरकारी मंत्र...
गणपतिजी का बीज मंत्र 'गं' है। इनसे युक्त मंत्र- 'ॐ गं गणपतये नमः' का जप करने से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। षडाक्षर मंत्र का जप आर्थिक प्रगति व समृद्धि प्रदायक है।

किसी के द्वारा अनिष्ट के लिए की गई क्रिया को नष्ट करने के लिए, विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए उच्छिष्ट गणपति की साधना करना चाहिए। इनका जप करते समय मुंह में गुड़, लौंग, इलायची, पताशा, ताम्बुल, सुपारी होना चाहिए। यह साधना अक्षय भंडार प्रदान करने वाली है। इसमें पवित्रता-अपवित्रता का विशेष बंधन नहीं है।

1. उच्छिष्ट गणपति का मंत्र
- ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा।।

2 . आलस्य, निराशा, कलह, विघ्न दूर करने के लिए विघ्नराज रूप की आराधना का यह मंत्र जपें -
- गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:।।

3 . विघ्न को दूर करके धन व आत्मबल की प्राप्ति के लिए हेरम्ब गणपति का मंत्र जपें -
- 'ॐ गंं नमः'।।

4 . रोजगार की प्राप्ति व आर्थिक वृद्धि के लिए लक्ष्मी विनायक मंत्र का जप करें-
- ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।।

5 . विवाह में आने वाले दोषों को दूर करने वालों को त्रैलोक्य मोहन गणेश मंत्र का जप करने से शीघ्र विवाह व अनुकूल जीवनसाथी की प्राप्ति होती है-
- ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।।

मान्यता के अनुसार इन मंत्रों के अतिरिक्त गणपति अथर्वशीर्ष, संकटनाशन गणेश स्तोत्र, गणेशकवच, संतान गणपति स्तोत्र, ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र, मयूरेश स्तोत्र, गणेश चालीसा का पाठ करने से गणेशजी की कृपा प्राप्त होती है।

भगवान गणेश के 14 नाम :-

1. विनायक
2. गजानन
3. गणेश
4. लंबोदर
5. एकदंत
6. वक्रतुंड
7. विघ्नराज
8. भालचंद्र
9. गणधिप
10. विकट
11. हेरंब
12. कृष्णपिंगाक्ष
13. आखुरघ
14. गौरीसुत।

मान्यता है कि जो व्यक्ति इन 14 नामों का प्रति दिन उच्चारण कर भगवान गणेश की आराधना करता है। उसके सारे दुख-दर्द दूर होते हैं। अपार संपदा की प्राप्ति होती है।

Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned