आज अक्षय तृतीया पर बने ये शुभ मुहूर्त, इन उपायों से चुटकी बजाते बदलेगी किस्मत

आयुष्मान नामक नैसर्गिक शुभ योग सूर्योदय से सायं ५.१४ तक, तदन्तर सौभाग्य नामक नैसर्गिक शुभ योग है।

By: सुनील शर्मा

Published: 18 Apr 2018, 09:29 AM IST

तृतीया जया संज्ञक तिथि रात्रि १.३० तक, इसके बाद चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि है। तृतीया तिथि में द्वितीया में कथित सभी शुभ व मांगलिक कार्यों सहित गीत-संगीत-नृत्य- कलादि शिक्षा कार्य, अन्नप्राशन, गृहप्रवेश, गृहारम्भ, उपनयनादिक कार्य शुभ कहे गए हैं। चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि में शुभ कार्य वज्र्य हैं। नक्षत्र: कृतिका ‘मिश्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि १२.२७ तक, इसके बाद रोहिणी ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। कृतिका नक्षत्र में साहस, सभा, वृषोत्सर्ग आदि भयंकर कार्य सिद्ध होते हैं। पर आज अक्षय तृतीया का स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त है जिसमें यथा आवश्यक सभी शुभ व मांगलिक कार्य शुभ कहे गए हैं।

योग: आयुष्मान नामक नैसर्गिक शुभ योग सूर्योदय से सायं ५.१४ तक, तदन्तर सौभाग्य नामक नैसर्गिक शुभ योग है। विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग सम्पूर्ण दिवारात्रि तथा दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग रात्रि १२.२७ से सूर्योदय तक है। करण: तैतिल नामकरण दोपहर बाद २.३७ तक, इसके बाद गरादि करण रहेंगे।

शुभ मुहूर्त: आज अक्षय तृतीया का अनबूझ स्वयंसिद्ध मुहूर्त है। अत: विपणि-व्यापारारम्भ, मशीनरी-कलकारखाना प्रारम्भ, वाहनादि क्रय करना, प्रसूति स्नान, सगाई, रोका, टीका व जलवादि के कार्य कृतिका नक्षत्र में और विवाह का रोहिणी नक्षत्र में शुभ मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ९.१५ तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न १०.५१ से दोपहर १२.२६ तक शुभ तथा अपराह्न ३.३७ से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहूर्त शुभ कार्यों में त्याज्य हैं।

व्रतोत्सव: आज श्री परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया, त्रेतायुगादि, आखातीज, कल्पादि, श्रीकेदार नाथ , बद्रीनाथ यात्रा व दर्शन प्रारम्भ, श्री मातंगी जयंती, वर्षीतप समापन (जैन), पुरातत्व दिवस, गुरु तेगबहादुर व अंगददेव जयंती (न.म. से) है। चन्द्रमा: चन्द्रमा प्रात: ७.३५ तक मेष राशि में, इसके बाद वृष राशि में रहेगा। ग्रह मार्गी वक्री: प्रात: ७.१७ से शनि वक्री होगा।

दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व दिशा की यात्रा प्रात: ७.३५ तक, इसके बाद दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: बुधवार को दोपहर १२.०० से दोपहर बाद १.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (अ, इ, उ, ए, ओ, वा) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। प्रात: ७.३५ तक जन्मे जातकों की जन्म राशि मेष व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि वृष है। इनका जन्म स्वर्णपाद से हुआ है। स्वर्णपाद से जन्मे जातकों की स्वास्थ्य की कुछ परेशानियां रहती हैं। सामान्यत: ये जातक व्रत-उपवास में विश्वास, कुछ कंजूस, कामलोलुप, सुन्दर, बुद्धिमान, दीर्घायु और विद्वान होते हैं। इनका भाग्योदय २९ वर्ष की आयु के आस-पास हो जाता है। मेष राशि वाले जातकों को आज सभी भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त होंगी। समय का लाभ उठावें।

सुनील शर्मा
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