आज बना त्रिपुष्कर योग, इस मुहूर्त में बरसता है पैसा, गृहस्थी सुख भी मिलता है

आज बना त्रिपुष्कर योग, इस मुहूर्त में बरसता है पैसा, गृहस्थी सुख भी मिलता है

Sunil Sharma | Publish: Apr, 17 2018 11:21:46 AM (IST) धर्म

प्रीति नामक शुभ योग रात्रि ८.०८ तक, इसके बाद आयुष्मान नामक योग रहेगा।

द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि अंतरात्रि ३.४५ तक, तदुपरान्त तृतीया जया संज्ञक तिथि है। द्वितीया तिथि में राजकीय कार्य, विवाहादि मांगलिक कार्य, वास्तु (गृह), अलंकार, यज्ञोपवीत, प्रतिष्ठादिक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। नक्षत्र: भरणी ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि १.५७ तक, इसके बाद कृतिका ‘मिश्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। भरणी नक्षत्र में साहसिक कार्य, दारूण, क्रूर, शत्रुमर्दन, बंधन, कुआ, कृषि और अग्निविषादिक कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं।

योग: प्रीति नामक शुभ योग रात्रि ८.०८ तक, इसके बाद आयुष्मान नामक योग रहेगा। दोनो ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: राजयोग नामक शुभ योग रात्रि १.५७ तक, इसके बाद अंतरात्रि ३.४५ तक त्रिपुष्कर नामक शुभाशुभ योग तथा सूर्योदय तक सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग है। करण: बालव नामकरण सायं ४.४६ तक, इसके बाद कौलवादि करण हैं।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ९.१६ से पूर्वाह्न १०.५१ तक चर, पूर्वाह्न १०.५१ से दोपहर बाद २.०२ तक लाभ व अमृत तथा अपराह्न ३.३७ से सायं ५.१२ तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.०१ से १२.५२ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज शिवाजी जयंती है। नवीन चन्द्र के दर्शन ४५ मु. उत्तर शृंगोन्नति होंगे। चन्द्रमा: चन्द्रमा संपूर्ण दिवारात्रि मेष राशि में है। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: प्रात: ८.३८ पर शुक्र कृतिका नक्षत्र में प्रवेश करेगा। दिशाशूल: मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: अपराह्न ३.०० से सायं ४.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (लू, ले, लो, अ) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि मेष है तथा स्वर्णपाद से जन्म हुआ है। सामान्यत: ये जातक सत्यप्रिय, सदैव अपने कार्य में रत, सुमार्गी, कामासक्त, अस्थिर मनोवृत्ति वाले, दीर्घायु, शत्रुजित, पर कोई-कोई जातक कुसंगतिवश अर्थकष्ट को भोगने वाले भी होते हैं। इनका भाग्योदय २५ वर्ष की आयु के आस-पास होता है। मेष राशि वाले जातकों को आज भूमि, भवन, जायदाद से सम्बंधित कार्य सफल व सरल होंगे।

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