मंदिर से भगवान पर चढ़े हार-फूल मिलें तो उनका साथ ऐसा क्या करें? कि पाप न लगे, जानिये यहां

जब ये फूल या हार सूख जाते हैं तो लोग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं...

By: दीपेश तिवारी

Updated: 02 Feb 2021, 06:21 PM IST

सनातन धर्म में पूजा पाठ, भगवान के लिए चंदन , तिलक, अक्षत, फूल, फल आदि कोई नई बात नहीं है। लेकिन कई बार हम ऐसी दुविधा में फंस जाते हैं, कि एक छोटी सी चूक हमें अत्यधिक भारी पड़ती है।

दरअसल भारत में पूजा-पाठ, भगवान का आशीर्वाद, कर्म इन सभी बातों का खासतौर पर ध्यान रखा जाता है। ऐसे में अक्सर लोग मंदिर पूजा करने आराधना करने जाते हैं। वहीं पूजा के दौरान कई बार पुजारी भगवान पर चढ़े फूल उन्हें प्रसाद के तौर पर देते हैं।

ऐसे में ये लोग इन्हें भगवान का आशीर्वाद समझकर घर तक ले भी आते हैं, लेकिन जब यह फूल या हार सूख जाते हैं तो लोगों को सबसे ज्यादा यह बात परेशान करती है कि अब वह इन सूखी पत्तियों का आखिर क्या करें। ऐसे में एक अनजाने में की गई गलती भी हमें दंड का पात्र बना देती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इनका गलत उपयोग या इन्हें कहीं भी गिरा देना, हमें पाप का भागी बनाता है।

इस परेशानी से बचाने के संबंध में पंडित सुनील शर्मा का कहना है कि आपको भगवान के चरणों से मिले फूल या हार के सूख जाने के बाद कुछ ऐसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसका कोई नुकसान न हो। लेकिन इसके लिए कुछ बातों का खास तौर पर ख्याल रखना चाहिए...

पंडित शर्मा के मुताबिक मंदिर से मिले फूलों को लोग अक्सर सूखने के बाद फेंकते भी नहीं है। उन्हें हमेशा यह डर सताने लगता है कि कहीं उनके साथ कुछ बुरा ना हो जाए। ऐसे में आप दो बातों का खासतौर पर ख्याल रखते हुए इन फूलों को संभाल कर रख सकते हैं।

- पहला मंदिर से मिले फूलों को अपने घर की तिजोरी या अलमारी में रखना चाहिए। इस बात का खास तौर पर ध्यान रखें कि जहां अपने गहने रखे हैं, वहां आप इन फूलों को रख सकते हैं।

दरअसल यदि आप मंदिर से मिले फूल को घर ले आये और वह सूख जाएं, तो इन सूखे हुए फूलों को अपने घर की तिजोरी में रखें। ऐसे में सूखे हुए फूलों के बिखरने का डर बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में आप इन्हें किसी कपड़े, कागज या थैली में बांधकर भी रख सकते हैं।

- इसके अलावा कई बार दूर-दराज में यात्रा या मंदिर दर्शन के लिए गए हों और उस दौरान आपको मंदिर के पुजारी द्वारा प्रसाद में फूल या माला दी गई हो, तो हमें यह परेशानी सताने लगती है कि आखिर इसका क्या करें। घर जाने तक यात्रा के दौरान उसके खराब होने का डर होता है, तो ऐसे में आप उस फूल को सीधे हाथ की हथेली पर रखकर सुंघ सकते हैं।

जी हां माना जाता है कि सूंघने के बाद फूल में मौजूद पॉजिटिव एनर्जी आपके शरीर में चली जाती है। इसके बाद आप उस फूल को किसी पेड़ के नीचे या किसी नदी में बहा सकते हैं। इससे आप फूल के खराब होने की परेशानी से निजात पा सकते हैं।

मंदिर से मिले फूलों में मौजूद पॉजिटिव एनर्जी दोनों ही क्रियाओं में आपको मिल जाती है। पहली में वह आपके घर में तिजोरी के साथ आपके साथ रहती है, तो वही दूसरी क्रिया में आपने उसे सुंघकर उसकी पॉजिटिव एनर्जी को अपने शरीर में धारण कर लिया होता है। इस तरह आप मंदिर से मिले हुए फूलों को संभाल कर भी रख सकते हैं।

- इसके अलावा यदि आप इन फूलों को नहीं संभाल पा रहे हैं। तो इसे किसी बहती शुद्ध जलधारा में भी प्रवाहित कर सकते हैं।

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दीपेश तिवारी
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