टॉपर की खुली कलई, मामूली सवालों का जवाब भी नहीं दे सका

टॉपर की खुली कलई, मामूली सवालों का जवाब भी नहीं दे सका
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इंटर कला संकाय के टॉपर गणेश ठाकुर से जब एक न्यूज चैनल ने बात की तब उसकी कलई खुल गई

पटना। बिहार में पिछले साल हुए इंटर टॉपर्स घोटाले से सबक लेकर धांधली मुक्त परीक्षा कराने के राज्य सरकार के दावे की कलई गुरुवार को उस समय खुल गई जब छुपता फिर रहा कला संकाय का टॉपर गणेश ठाकुर मीडिया के सामने आया और मामूली सवालों का जवाब भी नहीं दे सका। इंटर कला संकाय के टॉपर गणेश ठाकुर से जब एक न्यूज चैनल ने बात की तब उसकी कलई खुल गई।

गणेश ने 12वीं में संगीत और मनोविज्ञान जैसे विषयों का चयन किया था। उसे सबसे अधिक 83 अंक संगीत में ही मिले थे, लेकिन जब उससे सरगम सुनाने को कहा गया तब उसने हरमोनियम पर इस तरह सुर लगाए जिससे यह साफ पता चलता है कि उसे सुर-ताल की कोई जानकारी नहीं है। उसे संगीत प्रैक्टिकल में 70 में 65 अंक मिले हैं। इसी तरह जब उससे मनोविज्ञान और हिन्दी विषय से संबंधित सवाल किए गए तब वह उसका उत्तर भी ठीक से नहीं दे सका। उससे पूछा गया था कि भारतीय मनोविज्ञान का आधुनिक काल कब और कहा शुरू हुआ, मनोविज्ञान में चेतना के कितने स्तर हैं और मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक में क्या अंतर है। उससे जब किसी कहानीकार का नाम बताने को कहा गया तब उसने कहा 'गद्य और पद्य में फणीश्वर नाथ रेणु और रामधारी सिंह दिनकर है।

गणेश ठाकुर को 12वीं की परीक्षा में 500 में 429 अंक मिले हैं। उसे हिंदी में 92 अंक आए हैं। इतना हीं नहीं बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में सामान्य उम्र 17 साल होती है, लेकिन उसने 24 वर्ष में परीक्षा दी। उसके एक दोस्त ने दावा किया है कि गणेश ने उसके साथ ही वर्ष 1990 में मैट्रिक पास किया था। ऐसे में उस समय यदि उसकी उम्र 15 साल भी रही होगी तो आज उसकी उम्र कम से कम 42 वर्ष जरूर होगी।

आट्स टॉपर गणेश ने समस्तीपुर जिले के जिस रामनंदन सिंह जगदीप नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय (शिवाजीनगर) से परीक्षा फॉर्म भरा, वह साधनविहीन है। इस स्कूल में संगीत और हिंदी के अच्छे शिक्षक भी नहीं हैं। गणेश ने जब 12वीं की परीक्षा के लिए फॉर्म भरा था तब गृह विज्ञान, संगीत, हिंदी, अंग्रेजी और मनोविज्ञान विषय लिए थे। बाद में गृह विज्ञान के स्थान पर उसने समाज विज्ञान ले लिया।

सीएम नीतीश से मिले शिक्षा मंत्री
सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि आखिर झारखंड के गिरिडीह का गणेश कैसे समस्तीपुर में किराए के मकान में रहते हुए रोजाना 22 किलोमीटर का सफर तय कर गांव के स्कूल में जाता था। यह भी कहा जा रहा है कि स्कूल में दाखिले के वक्त भरे गए फॉर्म में नामांकन की तारीख नहीं है और गणेश के नामांकन फॉर्म में स्थानीय पता भी दर्ज नहीं है। मीडिया में गणेश ठाकुर को लेकर हो रहे विवाद के बीच राज्य के शिक्षामंत्री अशोक चौधरी ने आज (गुरुवार) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और उसके बाद जब वह बाहर आए तब उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मीडिया में सिर्फ नकारात्मक बातों का प्रचार किया जा रहा है।

पिछले साल उजागर हुआ था टॉपर्स घोटाला
उनसे जब गणेश ठाकुर को लेकर सवाल किया गया तब उन्होंने कहा कि जिन्होंने उनसे संगीत के बारे में सवाल पूछा क्या वे संगीतज्ञ थे। उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय की कॉपी के मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई तो पुनर्मूल्यांकन के लिए भी समय दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल बिहार बोर्ड ने रूबी राय को आट्स टॉपर बना दिया था। उसके बाद जब मीडिया ने रूबी राय से बात की तब उसने 'पॉलिटिकल साइंस' को 'प्रोडिकल साइंस' बताया था और कहा था कि इस विषय के तहत 'खाना बनाने' की पढ़ाई होती है।

टॉपर्स घोटाले में 20 लोग हुए गिरफ्तार
घोटाला उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विशेष जांच दल (एसआइटी) से इसकी जांच कराए जाने का निर्देश दिया था। इस मामले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष रहे लालकेश्वर प्रसाद सिंह, उनकी पत्नी उषा सिंह और घोटाले का मास्टर माइंड बच्चा राय, टॉपर्स रूबी राय समेत 20 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए थे। पिछले मंगलवार को जब 12वीं की परीक्षा का परिणाम जारी किया गया तब 12 लाख 40 हजार 168 परिक्षार्थियों में से आठ लाख तीन हजार 53 छात्र फेल हो गए। इस पर शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी का कहना था कि इस बार कदाचारमुक्त परीक्षा कराई गई, जिसके कारण इस तरह का परिणाम आया है।

विरोधियों का दावा, चरमरा गई है शिक्षा व्यवस्था
वहीं विरोधियों का कहना है कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और यह परिणाम इसी को दर्शाता है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता विनोद नारायण झा ने कहा कि चौधरी लगभग डेढ़ वर्षों से शिक्षा मंत्री के पद पर बने हुए हैं। शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन इंटरमीडिएट की परीक्षा में सुधार नहीं कर सके।

उन्होंने कहा कि चौधरी के कार्यकाल में ही पिछले वर्ष इंटरमीडिएट टॉपर्स घोटाला हुआ था और इस बार भी ऐसा ही घोटाला नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर चौधरी को अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
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