जीएसटी में 16करोड़ रुपए की धांधली, बोगस मिली 37 फर्म जानिए कैसे हुआ खेल

जीएसटी में 16करोड़ रुपए की धांधली, बोगस मिली 37 फर्म जानिए कैसे हुआ खेल
16 crores rigging in GST, 37 firms know how to get bogus

Lok Mani Shukla | Updated: 02 Aug 2019, 12:19:33 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

व्यवसाय स्थल नहीं भर रहे लाखों का रिटर्न ,राज्यकर विभाग ने थमाया नोटिस

रीवा। माल एवं सेवाकर में बिल बेच कर 16करोड़ रुपए की चपत सरकार को व्यापारियों ने लगाई है। सतना एंटीएवीजन वृत्त में 71 फर्म की जांच की गई है। इनमें 37 फर्म बोगस मिली है। इन फर्म में 769.66 करोड़का व्यापार किया है। इसमें 16करोड़ रुपए टैक्स बनता है। फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए लिए जीएसटी में बोगस फर्म का जीएसटी का पंजीयन है। इसके बाद भी इन फर्म के पंजीयन का रिटर्न भरते रहे आ रहे हैं। अकेले सतना वृत्त में 37से अधिक बोगस फर्म हैं जिनका व्यवसाय स्थल ही नहीं है। बावजूद इन फर्म का जीएसटी में लाखों रुपए का रिटर्न भरा है। बोगस फार्मों का मामला सामने आने के बाद अब फर्मों के सत्यापन की जांच प्रांरभ हो गई है। जांच में कुछ फर्म बोगस मिलने के बाद राज्य कर विभाग इन्हें नोटिस जारी कर रहा है।
बताया जा रहा है जीएसटी में आइटीआर की छूट लेने के लिए यह सारा खेल चल रहा है। इसके लिए बोगस फर्मों का पंजीयन कराया गया है जबकि मौके व स्थल पर कोई ऑफिस नहीं है। इसके बावजूद लाखों की विक्रय दिखाकर आइटीआर में छूट लेकर सरकार का चपत लगाते आ रहे हैं। जीएसटी पंजीयन में इस तरह बोगस फर्मों का मामला सामने आने के बाद अब फर्मों का सत्यापन रेंडम किए जा रहे हैं। अकेले सतना एंटीएवीजन वृत्त में 37से अधिक बोगस फर्म है। इनमें रीवा जिले में तीन फर्मों की जांच हुई है। जांच में अंशुल ग्बोबल नामक फर्म एक साल से बंद थी । इसके प्रोपाइटर ने एक साल पहले जीएसटी निरस्त करने मैन्युवल आवेदन भी प्रस्तुत किया था। वहीं मेंसर्स संतोष द्विवेदी की फर्म संचालित होने के बाद भी फरवरी से रिटर्न नहीं भर रही थी। जबकि मां नर्मदा ट्रेडर्स सीमेंटका कोई व्यवसाय स्थल ही नहीं मिला है। जबकि यह फर्म लंबे समय से जीएसटी में रिटर्न भरती आ रही है, फर्म ने 81 लाख रुपए व्यवसाय बताया है इस पर 22 लाख रुपए टैक्स भरा है।अब इसे नोटिस भेजा जा रहा है।

ऐसे समझे खेल-
व्यापारी एक बोगस फर्म बनाकर जीएसटी में पंजीयन करा लेते हैं। इसके बाद इस फर्म में फुटकर बिक्री दिखाते हैं और फर्म का जीएसटी नम्बर बड़ी फर्म को दे देते हैं। इस नम्बर का प्रयोग कर कंपनी आइटीआर में छूट प्राप्त कर लेती है। । वहीं फर्म अपने बिल भी व्यापारियों को बेच देती है। इसमें सबसे अधिक फर्म लोहा एवं सीमेंट के अधिक है।

71 फर्म की हुई है जांच
जीएसटी में बोगस फर्मो के संबंध में सत्यापन काम पूरे राज्य में चल रहा है। विगत दिनों 71फर्मों पर जांच की गई है।इनमे 769.66 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है इसमें 16 करोड़ के टैक्स में हेराफेरी हुई है। इनमें 37 फर्म का कार्य स्थल नहीं मिला है। इस पर अब समन जारी किया है।
के एन मीणा, उपायुक्त एंटीएवीजन

 

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