कोरोना का कहर तेज, जिले में 5 अगस्त तक टोटल लॉकडाउन

-एक ही परिवार के 18 सदस्य मिले पॉजिटिव

By: Ajay Chaturvedi

Published: 01 Aug 2020, 03:09 PM IST

रीवा. जिले में कोरोना का कहर दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है। अब तो एक घर से 18-18 सदस्यों को पॉजिटिव आने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। ऐसे में कलेक्टर ने अब कोरोना की इस भयावहता के मद्देनजर 5 अगस्त तक जिले में टोटल लॉकडाउन घोषित कर दिया है। इस दौरान पुलिस व जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से लॉकडाउन का पालन कराने में जुटा है। किसी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं कलेक्टर ने।

बताया जा रहा है कि शहर के खुटेही मुहल्ले में एक ही परिवार के 18 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सीएमएचओं डॉक्टर आरएस पांडेय ने बताया कि इस घर के एक सदस्य की पूर्व में कोरोना से मौत हो चुकी है। उसके बाद पूरे परिवार की जांच करवाई गई। गुरुवार की रात 11.30 बजे आई जांच रिपोर्ट में 18 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी को कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया है। बता दें कि खुटेही के जिस परिवार के लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं उनका संपर्क सिरमौर चौराहा की एक दवा दुकान से है।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह विभाग के निर्देशों के अनुसार कलेक्टर इलैयाराजा टी ने रीवा जिले में 5 अगस्त की सुबह 5 बजे तक टोटल लॉकडाउन के आदेश दिए हैं। यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत जारी किए गए हैं। प्रतिबंध की अवधि में राजस्व, पुलिस, बैंक, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय तथा अति आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने वाले विभाग लॉकडाउन से मुक्त रखा गया है। निरंतर उत्पादन करने वाले औद्योगिक संस्थानों को भी लॉकडाउन से मुक्त रख गया है। प्रतिबंध की अवधि में जिले तथा नगर निगम सीमा क्षेत्र में बाहर से आने जाने के लिए आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंध की अवधि में किसी भी व्यक्ति को घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। केवल मेडिकल इमर्जेंसी में ही उसे घर से बाहर निकलने की अनुमति दी जाएगी। प्रतिबंध की अवधि में अति आवश्यक सेवाओं के लिए कार्यरत सभी शासकीय तथा अशासकीय अस्पताल, मेडिकल स्टोर एवं केवल दूध की बिक्री के लिए डेयरी की दुकानें खुली रहेंगी। गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप, शासकीय उचित मूल्य दुकानों, समाचार पत्रों के सुबह वितरण तथा उचित मूल्य दुकानों के लिए खाद्यान्ना के उठाव एवं परिवहन को भी प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं ने सभी मेडिकल कालेज के डीन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सिविल सर्जन को वॉल्व वाले एन-95 मास्क का उपयोग न करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बताया गया है कि वॉल्व रेस्पीरेटर-एक्सपीरेटरी वाले एन-95 मास्क सुरक्षित नहीं हैं। इन मास्क का उपयोग करने वाले व्यक्ति तो कोरोना के संक्रमण से बच सकते हैं। लेकिन संबंधित व्यक्ति स्वयं संक्रमित हो तो मास्क के वॉल्व से उसके द्वारा छोड़ी गई सांस से संक्रमण का खतरा बना रहता है इसलिए वॉल्व वाले एन-95 मास्क का उपयोग न करें।

Ajay Chaturvedi
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