कालेजों में प्रवेश एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक होंगे, छात्रों को ये प्रमुख बातें जानना है जरूरी


- एक अप्रेल से शुरू होगी विश्वविद्यालय एवं कालेजों में आंतरिक व्यवस्थाएं
- 11 मई से भरे जाएंगे आनलाइन फार्म, एक जुलाई से हर हाल में कक्षाओं का होगा संचालन

 


रीवा। विश्वविद्यालय और कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया लंबे समय तक जारी रखने की वजह से पठन-पाठन समय पर नहीं हो पाता। इसका असर सीधे तौर पर परीक्षा और उसके परिणाम पर भी पड़ता है। शासन द्वारा जारी किए जाने वाले एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार ही अब प्रवेश प्रक्रिया भी आयोजित की जाएगी। सभी छात्रों का समय पर प्रवेश नहीं होने के चलते कक्षाएं भी देर से संचालित होती हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किया है कि विश्वविद्यालय एवं कालेजों में प्रवेश की प्रक्रिया एक निर्धारित अवधि तक ही होगी। इससे समय पर कक्षाएं प्रारंभ होंगी तो परीक्षाएं भी समय पर हो सकेंगी। बीते कुछ वर्षों से अगस्त महीने के आखिरी दिनों तक प्रवेश की प्रक्रिया चलती है। कई बार छात्रों के विरोध प्रदर्शन की वजह से सितंबर महीने तक प्रवेश होते रहते हैं। उच्च शिक्षा आयुक्त ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक से कुछ समय पहले ही रिपोर्ट मांगी थी। जिसके बाद अब प्रवेश की तैयारी भी प्रारंभ कर दी गई है। कालेज प्रशासन को आंतरिक रूप से व्यवस्थाएं बनाने के लिए एक अप्रेल से प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए कहा गया है। आनलाइन प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन और सत्यापन की कार्रवाई मई महीने में होनी है।


- मार्च के पहले कालेजों की संबद्धता पूरी करने के निर्देश
कालेजों में आनलाइन प्रवेश के लिए एक से तीस अप्रेल तक विश्वविद्यालय को पाठ्यक्रम, विषय, एनओसी एवं संबद्धता आदि की जानकारी इ-प्रवेश पोर्टल पर अपलोड की जानी है। अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य एवं विश्वविद्यालय की ओर से इसका सत्यापन एक से 10 मई तक करना होगा। कालेजों की संबद्धता के लिए विश्वविद्यालय को भी निर्देश मिले हैं कि मार्च महीने के अंत तक निरीक्षण एवं अन्य औपचारिक कार्रवाई पूरी करने के बाद संबद्धता जारी करने का कार्य पूरा कराएं।


11 मई से आनलाइन आवेदन
शासन ने इस बार अभी से आनलाइन प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने की तिथि घोषित कर दी है। जिसके तहत ११ मई से स्नातक कक्षाओं के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। वहीं स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए यह २१ मई से प्रारंभ होगी। सत्र २०२०-२१ के लिए प्रवेश प्रक्रिया का एक चरण तथा केन्द्रीयकृत सीएलसी चरण की प्रक्रिया दो चरणों में प्रस्तावित की गई है। एक जुलाई से सभी कालेजों में कक्षाएं प्रारंभ किए जाने की तैयारी की गई है। इस आशय का निर्देश उच्च शिक्षा के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक के साथ ही सभी कालेजों के प्राचार्यों के पास भी पहुंचा है।


- अनिवार्य सेवा के रूप में होंगे परीक्षा और परिणाम
उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त ने छात्रों की समय पर परीक्षाएं और उनके परिणाम घोषित किए जाने को अनिवार्य सेवा के रूप में लेने के निर्देश दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय एवं स्वासासी महाविद्यालय में निर्धारित समय सीमा पर ही परीक्षाएं और उनके परिणाम घोषित किए जाएं। परीक्षा से जुड़े सभी कार्यों को अनिवार्य सेवा से जोड़े जाने के लिए निर्देश जारी किया गया है। कहा गया है कि परीक्षा के कार्य को चुनाव की तरह अनिवार्य मानकर कार्य कराएं।
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कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया एक निर्धारित समय सीमा में ही पूरी की जानी है। उच्च शिक्षा विभाग का पूरा जोर एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार कार्य करने पर है। विभागीय आयुक्त के जो भी निर्देश हैं, उनके अनुसार कार्रवाई करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. पंकज श्रीवास्तव, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा

Mrigendra Singh Reporting
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