महिला पटवारी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट पर लगाया दैहिक शोषण का आरोप, शिकायत लेकर पांच दिन भटकती रही पीडि़ता, विवाह रुकवाने की मांग

महिला पटवारी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट पर लगाया दैहिक शोषण का आरोप, शिकायत लेकर पांच दिन भटकती रही पीडि़ता, विवाह रुकवाने की मांग

Balmukund Dwivedi | Publish: Jun, 15 2018 12:56:48 AM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

पन्ना के अजयगढ़ में दर्ज हुआ मामला, विवाह रुकवाने की मांग

रीवा. न्यायिक मजिस्ट्रेट के विरुद्ध दैहिक शोषण की शिकायत लेकर महिला पटवारी पांच दिन तक रीवा में भटकती रही। यहां पर पुलिस के हर दरवाजे पर उसने दस्तक दी और न्याय की गुहार लगाई। लेकिन मजिस्ट्रेट के विरुद्ध शिकायत होने की वजह से पुलिस पल्ला झाड़ती रही और उसे तरह-तरह के आश्वासन दिए जाते रहे। इससे परेशान महिला ने पन्ना जिले के अजयगढ़ में पदस्थ मजिस्ट्रेट की शिकायत वहां पर भी की। जिस पर अजयगढ़ पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। पीडि़त महिला को न्याय की उम्मीद के दरवाजे पन्ना की पुलिस ने तो खोल दिए हैं लेकिन रीवा की पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पीडि़त महिला रीवा की रहने वाली है, कथित तौर पर हुए शारीरिक शोषण की शिकायत यहां ९ जून को एसपी, सीएसपी, समान थाना और महिला थाना में की गईथी। जिसमें आरोप हैकि शादी का झांसा देकर लंबे समय तक दैहिक शोषण किया गया और अब मजिस्ट्रेट द्वारा दूसरी जगह शादी की तैयारी की जा रही है।

झांसा देकर उसका दैहिक शोषण
रीवा में पदस्थ महिला पटवारी ने अपनी शिकायत में बताया है कि छतरपुर निवासी मनोज सेानी ने उसे विवाह का झांसा देकर उसका दैहिक शोषण किया। दहेज में ५० लाख रुपए, ३० तोला सोना, एक कार और शादी का खर्च मांगने के आरोप भी लगाए। पीडि़ता द्वारा पूरे घटनाक्रम को लेकर दिए गए साक्ष्यों के आधार पर पन्ना एसपी रियाज इकबाल ने मामले की जांच कराई थी। जांच के आधार पर प्रथम दृष्ट्या तथ्य सही पाए जाने पर अजयगढ़ थाना पुलिस ने आरोपी जज के खिलाफ ज्यादती और दहेज की मांग संबंधी अपराध दर्ज कर लिया है। एसपी रियाज इकाबल ने बताया कि मामले में जबलपुर से रजिस्ट्रार जनरल की अनुमति मिलने और जांच के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

18 को छतरपुर में होनी है शादी
पीडि़ता ने पुलिस को दिए गए शिकायती आवेदन में बताया कि उसके परिजन द्वारा दहेज की व्यवस्था नहीं कर पाने के कारण आरोपी जज महोबा यूपी की एक लड़की के साथ विवाह कर रहा है। शादी आगामी १८ जून को छतरपुर के एक निजी होटल में होना तय है। इसके आमंत्रण कार्ड भी बांटे जा चुके हैं। पीडि़ता ने मामले में आरोपी जज की १८ जून को प्रस्तावित शादी रुकवाने की मांग भी की है। हालांकि इस संबंध में एसपी का कहना है कि पीडि़ता ने ऐसे कोई साक्ष्य नहीं दिए थे, जिससे यह सिद्ध हो सके कि उनका विवाह हुआ है।

ऐसे शुरू हुआ था मिलन का सिलसिला
पीडि़ता ने बताया कि उसके परिवार के लोग आरोपी मनोज सोनी के परिवार में रिश्ता लेकर वर्ष २०१५ में गए थे। मनोज के भाई ने दोनों लोगों के नंबर एक-दूसरे को दिए थे। २०१७ में उनकी बात होने लगी थी। २२ नवंबर २०१७ को वे रीवा कलेक्ट्रेट परिसर में उसे देखने भी आए थे। वहां मनोज ने उसे पसंद किया और रिश्ते की बात आगे बढ़ाने के लिए परिवार के लोगों से बात करने के लिए कही। दहेज के लिए भी परिवार के लोगों से बात करने के लिए कहा। नवंबर के अंतिम सप्ताह उसे किशोरजी मंदिर में बुलाया और दर्शन करने के बाद शादी का वादा किया। ७ दिसंबर १७ को एक्सीडेंट होने पर वह मनोज को देखने के लिए उनके सरकारी आवास अजयगढ़ आई थी। वहीं से नजदीकियां और बढ़ गईं। ३१ दिसंबर को भी वह मनोज के बुलाने पर अजयगढ़ आई थी। मनोज ने उसे शादी का पूरा भरोसा दिलाते हुए दहेज के लिए परिवार के लोगों को रुपए की व्यवस्था करने के लिए कहा था।

वैलेंटाइन-डे को अंगूठी पहनाई और कहा हो गई सगाई
पीडि़ता ने शिकायती आवेदन में बताया कि मनोज ने इस वैलेंटाइन-डे को अपने सरकारी आवास अजयगढ़ में अंगूठी पहनाई और कहा कि अब हमारी सगाई हो गई। १९ फरवरी को भी उसके सरकारी आवास में मिलने पर उसने कहा था कि हमारी सगाई हो गई है। अब शादी भी तुम्ही से होगी। दहेज के चलते कोई रुकावट नहीं होगी। मैंने परिवार के सभी लोगों को मना लिया है। उसके साथ इच्छा के विपरीत कथित तौर पर शारीरिक संबंध बनाए। 18 मार्च को उसने रीवा के बिछिया में एक फार्म हाउस में भगवान भोलेनाथ को साक्षी मानकार उसकी मांग में सिंदूर भी भरा था।

50 लाख रुपए और 30 तोला सोना
महिला के अनुसार उसी दौरान दहेज में 50 लाख रुपए नकदी, 30 तोला सोना, एक कार और शादी का पूरा खर्च करने के लिए कहा। लेकिन उसके पिताजी द्वारा इतना दहेज नहीं दे पाने की बात कहने पर मनोज वापस अजयगढ़ लौट आए। मार्च के अंतिम सप्ताह में भी उसे अजयगढ़ बुलाया और संबंध बनाए। इसके बाद दो अप्रैल को रानीतालाब आकर पूजा-अर्चना की और परिवार के साथ भोजन भी किया। ३ अप्रैल को उनके परिवार के लोगों ने शादी झांसी में तय होने की बात कही। आठ अप्रैल को पन्ना आकर जुगल किशोरजी के दर्शन किए और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद डेढ़ करोड़ रुपए के दहेज की मांग करने लगे। इसके बाद से अजय ने अपना फोन भी बंद कर लिया। पीडि़ता ने मामले में आरोपी का विवाह रोकने और कार्रवाई करने की मांग की है।

बार एसोसिएशन से मांगी थी मदद
मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष आदर्शमुनि त्रिवेदी ने बताया कि पीडि़ता ने विभागीय उच्चाधिकारियों और पुलिस से कई बार शिकायत की। कोई कार्रवाई नहीं होने पर उसने ७ जून को मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को आवेदन देकर सहायता मांगी। इस पर एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल पीसी गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर सिविल जज को हटाने की मांग की थी।

मजिस्ट्रेट के पिता ने कहा- मेरे बेटे को फंसाया गया
मजिस्ट्रेट मनोज सोनी के घर दो दिन पहले शादी की तैयारियां चल रही थीं। शादी के कार्ड छपकर आ चुके थे। वितरण का काम शुरू होना था। घर में रंग-रोगन होने के बाद सजावट होनी थी, लेकिन इससे पहले ही उनके घर मनहूस खबर पहुंच गई। दूल्हा बनने से पहले ही मजिस्ट्रेट के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज हो गया। इससे शादी की तैयारियां रुक गईं। उनके छतरपुर में स्टेट बैंक के पास स्थित घर में सन्नाटे जैसा माहौल है। गुरुवार को सुबह से परिवार के लोग घर में ही बंद रहे। दोपहर में ताला लगा था। शाम को दरवाजे अंदर से बंद मिले। पत्रिका ने जब दरवाजा खुलवाया तो मजिस्ट्रेट के पिता बाहर निकले। केस के बारे में पक्ष जानना चाहा तो लड़की के चरित्र पर ही सवाल उठाने लगे। कहा कि उसने मेरे बेटे को फंसाया है, उसके कई लोगों से संबंध हैं। पुलिस ने गलत तरीके से मामला दर्ज किया है। साजिश के तहत पूरा केस लगवाया गया है, लेकिन हम कोर्ट जाएंगे और अपने आपको निर्दोष साबित करेंगे। मजिस्ट्रेट के भाई धर्मेंद्र और उपेंद्र का कहना है कि लड़की के कई लोगों से संपर्क हैं। जब उसे भइया की शादी का पता चला तो ब्लैकमेलिंग करने लगी।

एफआइआर दर्ज कर ली गई है
पीडि़ता ने एक शिकायत दी थी। उसके द्वारा दिए गए साक्ष्यों के आधार पर एफआइआर दर्ज कर ली गई है। मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। रजिस्ट्रार जनरल से शिकायत पर अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
रियाज इकबाल, एसपी, पन्ना

पन्ना पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए भेज दिया था
महिला का मामला पन्ना का होने के कारण समान थाने ने एसपी साहब के माध्यम से पत्र व शिकायत पन्ना पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया था।
शिवेन्द्र सिंह बघेल, सीएसपी रीवा

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