ऐसी कौन सी घटना हुई कि गांव के सैकड़ों लोग एक दिन में हो गए गरीब, अब सरकार की योजनाओं का बचा सहारा

ऐसी कौन सी घटना हुई कि गांव के सैकड़ों लोग एक दिन में हो गए गरीब, अब सरकार की योजनाओं का बचा सहारा
Adding names to the poverty line list is fake, rewa district

Mrigendra Singh | Updated: 11 Oct 2019, 12:23:43 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India


गरीबी रेखा सूची में नाम जोडऩे चल रहा फर्जीबाड़ा, पुरानी तारीख पर जारी हो रहे प्रमाण पत्र
- रामपुर वृत्त के नायब तहसीलदार ने फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी होने की पुलिस से की शिकायत
- कांग्रेस नेता एवं जनपद नईगढ़ी के उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह ने जांच की उठाई थी मांग


रीवा। गरीबी रेखा सूची में नाम जोडऩे का गोरखधंधा सामने आया है। पुरानी तारीख पर अब प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। एक गांव में एक ही दिन में 50 लोगों का नाम गरीबी रेखा सूची में दर्ज किए जाने से मामला सामने आया है। इसकी शिकायत के बाद तहसीलदार ने जांच शुरू कराई है। इस मामले में तहसील के कर्मचारियों और पटवारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। नईगढ़ी जनपद क्षेत्र के कई गांवों में तेजी के साथ गरीबी रेखा सूची में नाम जोड़े गए हैं।

कुछ दिन पहले ही जनपद उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह ने नईगढ़ी तहसीलदार को पत्र लिखकर जांच करने के लिए कहा था। पत्र में उन्होंने मनकहरी गांव की सूची का उल्लेख करते हुए कहा था कि 13 अप्रेल 2019 की तारीख पर एक ही दिन में 50 नाम गरीबी रेखा सूची में शामिल कर दिए गए हैं। शासन की योजनाओं का लाभ देकर गरीबों का जीवन स्तर सुधारने की चल रही पहल के बीच अचानक गरीबों की बढ़ती संख्या की जांच कराने की मांग की थी। यह मांग उठाई थी कि इसकी प्रक्रिया की जांच कराई जाए कि ये नाम नियमानुसार जोड़े गए हैं अथवा, कूटरचित तरीके से कार्य किया जा रहा है।

बताया गया है कि अकेले नईगढ़ी तहसील में महीने भर के भीतर करीब ढाई सौ से अधिक संख्या में गरीबी रेखा सूची में नाम बढ़ गए हैं। अन्य कई गांवों से लोगों ने इसकी जांच कराने की मांग उठाई है। नईगढ़ी के तहसीलदार ने इसकी जांच भी शुरू करा दी है। जांच में लगातार हो रही देरी पर शिकायतकर्ताओं ने सवाल भी उठाया है और कहा है कि इस तरह के कूटरचित दस्तावेज तैयार करने में कुछ चिन्हित लोगों की ही भूमिका है। इसलिए तत्काल कार्रवाई की जाए तकि अन्य गांवों मेंं चल रहे फर्जीबाड़े को रोका जाए।

जनपद उपाध्यक्ष ने कहा कि एक साथ इतनी संख्या में नाम जोड़कर सरकार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। बताया गया है कि सूची की प्रमाणिकता अभी तय नहीं हो पाई है लेकिन जनपद कार्यालय में हर दिन बड़ी संख्या में लोग इस नई सूची के आधार पर सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जिससे जनपद के अधिकारियों की भी परेशानी बढ़ रही है।

- नायब तहसीलदार ने हस्ताक्षर को बताया फर्जी, पुलिस को लिखा पत्र
नईगढ़ी तहसील के रामपुर वृत्त के नायब तहसीलदार ने थाना प्रभारी नईगढ़ी को पत्र लिखकर कहा है कि मनकहरी, खर्रा, बदौआ एवं हडिय़ा गांव में गरीबी रेखा सूची में नए नाम जोड़े जा रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा की गई शिकायत की जांच कराई गई तो पता चला है कि सूची में दर्ज प्रकरण क्रमांक , जावक क्रमांक इस न्यायालय के दायरा पंजी एवं जावक में दर्ज नहीं है।

नायब तहसीलदार ने यह भी कहा है कि सूची में जो हस्ताक्षर बनाया गया है वह मेरा नहीं है। इसलिए सूची में दर्ज व्यक्तियों से पूछतांछ कर संबंधित दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज की जाए। नायब तहसीलदार के इस पत्र यह पुष्टि हो रही है कि फर्जी तरीके से गरीबी रेखा सूची में नाम जोडऩे का कार्य चल रहा है।
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मामला सामने आया है, इसकी जांच करा रहे हैं कि जो सूची जारी हुई है वह कहां से बनाई गई है। जनपद से सूचना आई है कि कई गांवों से लोग इस सूची के आधार पर योजनाओं का लाभ लेने आ रहे हैं। प्रयास है कि जल्द ही जांच पूरी कर उचित कार्रवाई की जाए।
राकेश शुक्ला, प्रभारी तहसीलदार नईगढ़ी

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