रीवा संभाग में फूल एवं सब्जियों की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन


- संभागायुक्त ने विभागों की समीक्षा बैठक ली, अधिकारियों को अपने विभाग की योजनाओं को गति देने का निर्देश

By: Mrigendra Singh

Updated: 18 May 2021, 03:26 PM IST


रीवा। संभागायुक्त अनिल सुचारी ने कमिश्नर कार्यालय में आयोजित बैठक में 5 विभागों की योजनाओं की अलग-अलग समीक्षा की। बैठक में उद्यानिकी, कृषि, महिला एवं बाल विकास विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम तथा विपणन संघ की योजनाओं की समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने कहा कि कोरोना संक्रमण तथा जनता कफ्र्यू के कारण विभागीय
गतिविधियों पर असर पड़ा है। सभी अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें। शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन कराएं। संभाग में कृषि तथा उद्यानिकी क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलने के साथ आय में वृद्धि होगी। इसके लिए जिलेवार कार्ययोजना तैयार करें। एक जिला एक उत्पाद योजना पर भी विशेष ध्यान दें। कमिश्नर ने उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि संभाग में वर्तमान में दो लाख 68 हजार हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलें ली जा रही हैं। इसमें वर्षवार वृद्धि की कार्ययोजना तैयार करें। कोरोना के प्रकोप के कारण फूलों की खेती प्रभावित हुई है। फूल उत्पादक किसानों को सब्जी तथा अन्य फसलों के लिए प्रेरित करें। संभाग में केवल पांच कोल्ड स्टोरेज हैं। इनकी संख्या बढ़ाने के प्रयास करें। फल, सब्जी तथा मसालों के उत्पादन से किसानों को अच्छी आय होती है। संभाग में आम, नींबू,
अमरूद जैसे फलों का रोपण कराएं। उद्यानिकी विभाग द्वारा तैयार फलदार पौधों को मनरेगा के माध्यम से ग्राम पंचायतों में रोपित कराने के प्रयास करें। बैठक में संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास ऊषा सिंह सोलंकी, संयुक्त संचालक उद्यानिकी जेपी कोल्हेकर, प्रभारी संभागीय विपणन अधिकारी नेहा तिवारी, संयुक्त संचालक मण्डी, उप संचालक सतीश निगम तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

- कुपोषण दूर करने के प्रयास तेज हों
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि संभाग में कम पोषित बच्चों के पोषण स्तर में
सुधार के लिए लगातार प्रयास करें। आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित नहीं हो रहे हैं लेकिन महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के लिए टेक होम राशन तथा बच्चों के लिये रेडी टू ईट पैकेट नियमित रूप से वितरित करायें। पोषण आहार वितरण की जानकारी पोर्टल में नियमित रूप से दर्ज कराकर इसके माध्यम से समीक्षा करें। कोरोना संक्रमण काल में परिवारों को पोषण आहार की अधिक आवश्यकता है। किल कोरोना अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं द्वारा घर-घर जाकर सर्दी-खांसी पीडि़तों का
सर्वे किया जा रहा है। इसकी नियमित मॉनीटरिंग करें। कमिश्नर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा लाडली लक्ष्मी योजना के संबंध में भी निर्देश दिए।

- खाद-बीज का संकट न आए
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि आगामी फसल के लिये कार्य योजना तैयार कर लें। किसानों को समय पर खाद तथा बीज की उपलब्धता करायें। किसानों को जैविक खेती तथा मसालों की खेती के लिये प्रेरित करें। संभाग के सभी जिलों के लिये कृषि विकास की कार्ययोजना तैयार करें। खाद, बीज तथा कीटनाशक के नमूने नियमित रूप से लेकर इनकी जांच करायें। नमूने अमानक पाये जाने पर कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही करें। किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली फसलों के लिये प्रोत्साहित करें।
-बारदाने की रैक और आएगी
कमिश्नर ने नागरिक आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि बारदाने की एक रैक आ गई है। इससे रीवा तथा सतना जिले को बारदाने उपलब्ध कराये गये हैं। तीन दिन बाद बारदाने की दूसरी रैक आयेगी। साथ ही सड़क मार्ग से भी बारदानों की आपूर्ति की जा रही है। बैठक में कमिश्नर ने खाद के अग्रिम उठाव तथा वितरण के निर्देश दिए।
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Mrigendra Singh Reporting
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