अच्छी खबर : बाघ या अन्य कोई जंगली जानवर पालने की इच्छा रखते हैं तो मानिए समय आ गया, बस यह कार्य करना होगा

अच्छी खबर : बाघ या अन्य कोई जंगली जानवर पालने की इच्छा रखते हैं तो मानिए समय आ गया, बस यह कार्य करना होगा
white tiger safari and zoo mukundpur

Mrigendra Singh | Publish: Aug, 16 2019 03:20:23 PM (IST) | Updated: Aug, 16 2019 03:29:16 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

नई व्यवस्था
बाघों को गोद लेकर पालक बनने का मिलेगा अवसर
- मुकुंदपुर ह्वाइट टाइगर सफारी एण्ड जू शुरू करने जा रहा है नई व्यवस्था



रीवा। बाघ पालने की इ'छा रखने वालों को अब ऐसा अवसर मिलेगा कि वह खुद को बाघों का पालक कह सकेंगे। बाघ के साथ ही अन्य वन्यजीवों के पालक बनने का अवसर मिलेगा। यह सुविधा वन्यजीवों के साथ लोगों को जोडऩे के लिए महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव ह्वाइट टाइगर सफारी एवं चिडिय़ाघर मुकुंदपुर की ओर से दी जाएगी।

बाघों एवं अन्य वन्यजीवों के साथ यदि कोई अपना नाम जोडऩा चाहता है तो उसके गोद लेने की योजना लागू की जा रही है। अलग-अलग प्रजाति के जानवरों के लिए दर निर्धारित की गई है। यह राशि जमा कर बाघ या अन्य जानवर को गोद ले सकेंगे। सेंट्रल जू अथारिटी आफ इंडिया के निर्देश पर यह व्यवस्था दी जा रही है।

एनीमल एडाप्शन स्कीम के तहत निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए जानवरों को गोद लिया जा सकेगा। गोद लेने के लिए कोई व्यक्ति, संस्था या कार्पोरेट सेक्टर हिस्सा ले सकता है। स्कीम के तहत राशि पहले जमा करनी होगी, एक साथ में एक से अधिक संख्या में जानवरों को गोद लिया जा सकेगा। गोद लेने वाले को चिडिय़ाघर प्रबंधन की ओर से प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा। यह सब इसलिए किया जा रहा है कि जानवरों के प्रति लोगों का लगाव बढ़े और उनकी रक्षा के लिए वह जागरुक हो सकें। प्रबंधन ने जो शुल्क निर्धारित किया है, उससे संबंधित जानवर के भोजन, दवा एवं अन्य खर्च में उपयोग किया जाएगा। सेंट्रल जू अथारिटी आफ इंडिया की शर्तों का पालन गोद लेने वाले को भी करना पड़ेगा।


- एक दिन से लेकर एक साल तक ले सकेंगे गोद
चिडिय़ाघर प्रबंधन ने गोद लेने की अवधि एक दिन से लेकर एक वर्ष तक की निर्धारित की है। इसके लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। जिसमें एक दिन, एक महीने, तीन महीने, छह महीने एवं एक वर्ष तक अपनी पसंद और सक्षमता के अनुसार कोई गोद ले सकेगा। बताया जा रहा है कि जन्मदिन, शादी की सालगिरह, पुण्यतिथि सहित अन्य प्रमुख दिनों को यादगार बनाने के लिए जानवरों को गोद लिया जा सकेगा।


- बाड़े के सामने पालक का नाम होगा प्रदर्शित
जानवरों को गोद लेने वाले पालकों का नाम संबंधित जानवर के बाड़े के बाहर प्रदर्शित किया जाएगा। यदि एक वर्ष के लिए किसी ने गोद लिया है तो उसका नाम चिडिय़ाघर के मुख्य प्रवेश द्वार में भी प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि लोगों को पता चल सके कि यहां पर एक वर्ष के लिए जानवर को गोद लिया गया है। इतना ही नहीं प्रवेश शुल्क में भी संबंधित को छूट दी जाएगी।


- गोद लेने के लिए जमा करना होगा यह शुल्क
टाइगर- 414000 एक वर्ष, 207000 छह माह, 103500 तीन माह, 34500 एक माह, 1150 एक दिन।
लायन- 414000 एक वर्ष, 207000 छह माह, 103500 तीन माह, 34500 एक माह, 1150 एक दिन।
तेंदुआ- 165600 एक वर्ष, 82800 छह माह, 41400 तीन माह, 13800 एक माह, 450 एक दिन।
भालू- 108000 एक वर्ष, 54000 छह माह, 27000 तीन माह, 9000 एक माह, 300 एक दिन।
थामिन डियर- 90000 एक वर्ष, 45000 छह माह, 22500 तीन माह, 7500 एक माह, 250 एक दिन।
ब्लैक बक- 36000 एक वर्ष, 18000 छह माह, 9000 तीन माह, 3000 एक माह, 100 एक दिन।
बार्किंग डियर- 20000 एक वर्ष, 10000 छह माह, 5000 तीन माह, 1700 एक माह, 60 एक दिन।

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एनीमल एडाप्शन स्कीम के तहत एक दिन से लेकर एक वर्ष तक के लिए जानवरों को गोद लेने की व्यवस्था की गई है। सभी के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है।
संजय रायखेड़े, संचालक मुकुंदपुर चिडिय़ाघर

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