कर्ज के बोझ तले दबे MP के एक और किसान ने की आत्महत्या

बैंकों से बार-बार आ रही नोटिस से था परेशान, सिंचाई के अभाव में बर्बाद हो गई थी फसल

By: Mahesh Singh

Published: 25 Apr 2018, 07:54 PM IST


रीवा. कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने मंगलवार की शाम जहर का सेवन कर लिया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उसने देररात दमतोड़ दिया। इस घटना से पूरे गांव में सनाका खिंचा हुआ है। यह घटना मनगवां थाने के कांटी गांव की है। परिजनों का कहना है कि बैंक से लोन पटाने के लिए भेजी जा रही नोटिसों से वे परेशान थे, और इसी के चलते यह आत्मघाती कदम उठाया।

 

जानकारी के अनुसार कांटी गांव में रहने वाले किसान गुरु प्रसाद पटेल ने एजेंसी से ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था और इसके अलावा सिंडीकेट बंैक से लाखों रुपए कर्ज ले रखा था। कर्ज की किश्त जमा करने के लिए बैंक से किसान को नोटिस दी जा रही थी। जिससे परेशान होकर उसने मंगलवार की सांयकाल खेत में डालने वाली कीटनाशक का सेवन कर लिया। परिजनों को घटना की जानकारी काफी देर बाद हुई जब उनकी हालत बिगड़ गई।


अस्पताल में तोड़ा दम
तत्काल परिजन उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर आए जहां से उनको संजय गांधी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। यहां भर्ती किसान ने देर रात अस्पताल में दमतोड़ दिया। किसान द्वारा उठाये गये इस आत्मघाती कदम से पूरा परिवार सकते में है। क्योंकि उन्होंने बैंक से काफी लोन लिया था और पिछले कुछ सालों से अच्छी पैदावार नहीं मिलने पर वे किश्त तक जमा नहीं कर पा रहे थे। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।


किसान पर था 9 लाख रुपए का कर्ज
किसान के ऊपर 9 लाख रुपए का कर्ज था। उन्होंने गत वर्ष किसान क्रेडिट कार्ड से 6 लाख रुपए का लोन सिंडीकेट बैंक से लिया था। इसके अलावा ट्रैक्टर के तीन लाख रुपए का ऋण भी था। यह लोन वे अदा नहीं कर पा रहे थे और बैंक द्वारा उनको किश्त जमा करने के लिए बार-बार नोटिस दी जा रही थी। गत वर्ष भी बैंक ने नोटिस जारी की थी जिस पर उन्होंने रिश्तेदारों से उधार लेकर डेढ़ लाख रुपए चुकाये थे।

प्याज व मसूर की फसल बर्बाद
पीडि़त किसान को पिछले चार साल से उम्मीद के मुताबिक पैदावार नहीं मिल पा रही थी जिसको लेकर वे काफी परेशान थे। किसान के पास पन्द्रह एकड़ की जमीन थी जिसमें वे खेती करते थे। इसी खेती के भरोसे उन्होंने बैंक से ऋण भी ले लिया। पिछले चार सालों से अच्छी पैदावार किसान को नहीं मिल रही थी। इससे पूरा परिवार आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा था। इस वर्ष उन्होंने बड़ी उम्मीद से करीब 6 एकड़ में मसूर की फसल बोई थी लेकिन दुर्भाग्य ने यहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा और सिंचाई के समय बोर खराब हो गया। इसके साथ ही उनकी दो एकड़ में लगी प्याज भी बर्बाद हो गई। जिस खेती के भरोसे उन्होंने ऋण लिया था उसने भी साथ छोड़ दिया।

पहुंची राजस्व विभाग की टीम
इस घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम मनगवां के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम कांटी गांव पहुंच गई जहां पहुंचकर पीडि़त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस साल हुई पैदावार की भी जानकारी ली। राजस्व विभाग की टीम ने घटना से जुड़े तथ्यों को एकत्र किया। हालांकि पिछले चार सालों से किसान को सही पैदावार नहीं मिल रही थी लेकिन राजस्व विभाग ने किसान की सुध नहीं ली।

पिता के साथ हाथ बंटाते थे पुत्र
किसान के दो पुत्र व एक पुत्री थी। पुत्री की शादी हो चुकी है जो अपने ससुराल में रहती थी। यहां उनके साथ दो पुत्र रहते थे जो काम में उनका हाथ बंटाते थे। बड़ा पुत्र 20 वर्ष का है।

पूर्व में भी हो चुकी है घटनाएं
किसानों के आत्महत्या करने की घटनाएं इससे पूर्व भी हो चुकी है। गोविन्दगढ़ थाना क्षेत्र में किसान ने प्याज नष्ट होने पर आत्महत्या कर ली थी। लौर थाना क्षेत्र में भी किसान ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की थी। किसानों को फसल के आधार पर ऋण प्रदान किया जाता है लेकिन जब पैदावार नहीं हो पाती तो किसानों के सामने अपने जीवन को समाप्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है।


---------------------
मेरे पिता के ऊपर नौ लाख रुपए का कर्ज था। चार साल से खेती में पैदावार नहीं मिल रही थी। इस वर्ष मसूर व प्याज की फसल नष्ट हो गई जिससे रही सही उम्मीद भी खत्म हो गई। उनको बैंक से ऋण अदा करने के लिए नोटिस आ रहा था। इस बात से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
-अशोक पटेल, पुत्र


-------------------
जहर सेवन कर एक किसान ने आत्महत्या की है। परिजनों ने उनके ऊपर कर्ज होने की जानकारी दी है। मर्ग कायम कर घटना की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आयेंगे उस आधार पर कार्रवाई की जायेगी।
-शिवकुमार सिंह, एएसपी

 

Show More
Mahesh Singh Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned