डिप्टी कलेक्टरों के प्रभार में शाखा प्रभारी बाबुओं ने डकार ली 2 करोड़ की स्कालरशिप

जिले में एपीएस, टीआरएस, जीडीसी, मेडिकल कालेज सहित 30 से अधिक महाविद्यालयों के छात्रों के स्कॉलरशिप का मामला, कलेक्टर ने चार दिन पहले प्रारंभ कर दी थी कार्रवाई, आरोपी बाबुओं ने चालान के माध्यम से अब तक 1 करोड़ 3 लाख खजाने में किया सरेंडर, जांच जारी

By: Rajesh Patel

Published: 29 Dec 2020, 09:06 AM IST

रीवा. आदिम जाति कल्याण (आजाक) कार्यालय में पोस्ट मैट्रिक छात्रों के स्कॉलरशिप की राशि में गड़बड़ी का खेल दस साल से चल रहा है। बीते तीन साल (मार्च 2017 से अप्रैल 2020 तक) डिप्टी कलेक्टरों के प्रभार के दौरान बाबुओं ने दो करोड़ रुपए से ज्यादा की स्कॉलरशिप डकार गए। मामला कलेक्टर के पास पहुंचा तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। कलेक्टर इलैयाराजा ने नकेल कसी तो बाबुओं ने राशि वापास जमा करना प्रारंभ कर दिया। अब तक 1 करोड़ 3 लाख रुपए वापस आ गए हैं।
आडिट रिपोर्ट में 2.10 करोड़ का खुलासा
आजाक कार्यालय में वर्ष 2017 से लेकर अप्रैल 2020 तक आडिट रिपोर्ट आने के बाद मामला कलेक्टर के पास पहुंचा। आडिट रिपोर्ट के अनुसार बीते चार साल के भीतर तीन शैक्षणिक सत्र के दौरान एससी-एसटी के स्कॉलरशिप में 2.10 करोड़ से अधिक की गडबड़ी की गई है। अधिकारियों के प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाबुओं ने छात्रों के खाते में स्कालरशिप पूरी भेजी है। ग्लोबल बजट होने के कारण दोबारा अपने सगे संबंधितयों के 31 खाते में राशि आहरित कर ली।
कलेक्टर ने कसा शिकंजा, एक करोड़ की वसूली
मामले में कलेक्टर ने इलैयाराजा टी ने पूरे मामले की छानबीन कराई और बाबुओं पर शिकंजा कसा है। आडिट रिपोर्ट के मुताबिक स्कालरशिप शाखा प्रभारी सहायक ग्रेड-3 रामनरेश पटेल और कंप्यूटर आपरेटर शर्मा व लेखापाल से करीब 31 खाते में करीब 2.10 करोड़ रुपए की स्कारशिप डकार ली। कलेक्टर ने बाबुओं के द्वारा डकारी गई राशि की रिकारी शुरू कर दी। कार्यालय के रेकार्ड के अनुसार अब तक 1 करोड़ 3 लाख रुपए चालान के माध्यम से राशि वापस खाते में आ गई है।
बर्खास्त होंगे आरोपी बाबू
कलेक्टर ने आडिट रिपोर्ट के आधार पर चार दिन पहले ही जांच टीम गठित की है। जांच पूरी और गबन की गई राशि वापस आने के बाद आरोपी बाबुओं के खिलाफ जल्द ही बर्खास्त करने की कार्रवाई के साथ ही एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी है।
गड़बड़ी के समय ये अधिकारी रहे प्रभारी
कार्यालय रेकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक स्कॉरशिप में गड़बड़ी की गई है। डिप्टी कलेक्टर कमलेशपुरी (अगस्त 2016 से मई 2017 तक), डिप्टी कलेक्टर कमलेश कुमार पांडेय (एक मई वर्ष 2017 से जुलाई 2017 तक)। डिप्टी कलेक्टर नीलमणि अग्रिहोत्री (27 जुलाई 2017 से 21 अगस्त 2017 तक) , इसी तरह सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग सीएल सोनी (22 अगस्त 2017 से 31 दिसंबर 2017 तक) , जिला संयोजक राजेन्द्र जाटव (एक जनवरी 2018 से 16 सितंबर 2019 तक) और अब तक क्षेत्रीय संयोजक प्रभार पर एसकेएस तिवारी रहे। वर्तमान में कलेक्टर ने प्रभारी एसकेएस तिवारी को हटाकर नया प्रभार संयुक्त कलेक्टर केपी पांडेय को दे दिया है।

Show More
Rajesh Patel Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned