बाबू ने विभाग के कर्मचारी से मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने किया ट्रेप

पेंशन प्रकरण बनाने के नाम पर मांगी थी 15 हजार की रकम, 7500 रुपए लेते गिरफ्तार

By: Mrigendra Singh

Published: 04 Jan 2018, 06:42 PM IST

रीवा। जलसंसाधन विभाग का एक बाबू अपने ही विभाग के कर्मचारी से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने साढ़े सात हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उसे धर दबोचा। शहर के बजरंग नगर में स्थित जल संसाधन के लाइट और मशीनरी शाखा के कार्यालय पदस्थ बाबू शिवराज बहादुर सिंह ने अपने ही विभाग के कर्मचारी रहे कुलदीप विश्वकर्मा से 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।

विभाग में मैकेनिक था शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता मैकेनिक के पद से बीते 31 मार्च को रिटायर हुआ था। पेंशन प्रकरण निराकृत करने के लिए बाबू रिश्वत की मांग कर रहा था। बीते नौ महीने से लगातार उससे कार्यालय का चक्कर लगवा रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक बाबू 15 हजार की रकम पर अड़ा था, उसका कहना था कि एक रुपए भी कम हुए तो काम नहीं करेगा।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मामला दर्ज
लगातार अड़ंगा लगाने की वजह से गत दिवस रिटायर्ड कर्मचारी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। जहां से एक टीम गठित कर शिकायत का सत्यापन कराया गया। गुरुवार को दोपहर कार्यालय में बाबू ने जैसे ही रिश्वत के 7500 रुपए लिए पीछे से पहुंची लोकायुक्त की टीम ने धर दबोचा। आरोपी बाबू के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7,13(1)डी एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

परिजनों पर धमकाने का आरोप
जिस दौरान कार्यालय परिसर के भीतर लोकायुक्त की टीम कार्रवाई कर रही थी। उस दौरान आरोपी बाबू के परिजन शिकायतकर्ता को धमका रहे थे। इतना ही नहीं कुछ मीडियाकर्मियों को भी कवरेज नहीं करने के लिए रोकने का प्रयास किया। इस बात पर विवाद बढ़ा तो सब गायब हो गए।
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जलसंसाधन विभाग के बाबू की शिकायत मिली थी कि पेंशन प्रकरण निराकरण के लिए वह रिश्वत मांग रहा है। टीम पहुंची तो उसे 7500 रुपए लेते हुए पकड़ा गया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
संजीव सिन्हा, एसपी लोकायुक्त रीवा

Mrigendra Singh Reporting
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