निगम परिषद में एजेंडे की वैधता पर भाजपा पार्षदोंं का हंगामा, स्पीकर पर भी आरोप

निगम आयुक्त की गैरमौजूदगी के चलते स्थगित की गई बैठक, अब २५ को फिर होगी चर्चा

रीवा. नगर निगम परिषद की बैठक बुधवार को एक बार फिर आयोजित की गई। इसमें पूर्व के ही एजेंडे रखे गए। इन एजेंडों की वैधानिकता को लेकर भाजपा के पार्षदों ने सवाल उठाया। वह जानना चाह रहे थे कि जिन विषयों पर चर्चा होनी है, क्या वे सभी मामले नियमों के अनुसार आए हैं। निर्धारित समय से करीब एक घंटे देरी से साढ़े १२ बजे स्पीकर सतीश सोनी ने बैठक प्रारंभ करने की घोषणा की। जैसे ही परिषद सचिव ने पहला एजेंडा पटल पर रखा, एमआइसी सदस्यों सहित भाजपा के कई पार्षद खड़े हो गए और स्पीकर से कहा कि वह पहले यह बताएं कि नियमों के तहत प्रक्रिया हो रही है या नहीं। कांग्रेस की ओर से केवल एक पार्षद विनोद शर्मा पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद के संचालन में भाजपा के लोग खुले तौर पर मनमानी कर रहे हैं। इनके भ्रष्टाचार की जांच होना चाहिए, महापौर को सदन में जवाब देना चाहिए। वहीं भाजपा के पार्षदों ने स्पीकर के सामने नारेबाजी की तो आधा घंटे के लिए बैठक स्थगित कर दी गई। बाद में फिर हंगामा हुआ तो बैठक स्थगित कर, २५ नवंबर को फिर से आयोजन करने की घोषणा स्पीकर ने की।

मनमानी का आरोप
भाजपा पार्षदों की ओर से एमआइसी सदस्य नीरज पटेल ने कई मामले विस्तार से रखे। निगम आयुक्त पर आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश पर स्कीम छह से जुड़े मामले में एमआइसी ने निर्णय लिया तो उसकी ही अवहेलना की जा रही है। शहर के खाली भूखंडों पर टैक्स लगाए जाने को मनमानी बताते हुए कहा कि करदाता का अधिकार होता है कि वह टैक्स निर्धारण पर आपत्ति दर्जकरा सके लेकिन निगम आयुक्त ने वह अधिकार भी छीन लिया। पूर्व में एमआइसी द्वारा संपत्तिकर में छूट दिए जाने पर एमआइसी को दोषी बताए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि आवास योजना के मकानों की कीमत घटाई गई है। इसमें एलआइजी के मकानों में ही ३३.६० करोड़ का घाटा निगम को होगा। उन्होंने अन्य पार्षदों से भी कहा कि यदि इसे पास करेंगे तो आयुक्त निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप मढ़ सकते हैं।

एमआइसी को एजेंडे नहीं भेजने पर भी हंगामा
एमआइसी सदस्यों ने कहा कि पूर्व की बैठक में तय हुआ था कि प्रभारी महापौर द्वारा एजेंडा निर्धारित किया गया है, इसलिए इसे फिर से एमआइसी में भेजने का निर्देश स्पीकर ने दिया था तो फिर क्यों नहीं भेजा गया। इस पर स्पीकर ने कहा कि वह पहले कह चुके हैं, यह प्रक्रिया के बाद आना चाहिए। इस पर कई सदस्यों ने कहा कि वह शपथ पूर्वक कह रहे हैं कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। कांग्रेस के विनोद शर्मा महापौर से इस पर जवाब चाह रहे थे, जिसका कई भाजपाइयों ने भी समर्थन किया।

कांग्रेस ने कहा अवैध एजेंडे पर कैसी चर्चा
नेता विपक्ष अजय मिश्रा ने कहा है कि १४ अक्टूबर को उनके दल ने बैठक का इसलिए बहिष्कार किया था कि प्रभारी महापौर द्वारा वह लाए गए थे। नियम में प्रभारी महापौर को ऐसे अधिकार नहीं है। एजेंडे की वैधानिकता सत्ता पक्ष के पार्षद भी पूछना चाह रहे थे। जिस पर प्रभारी आयुक्त अरुण मिश्रा ने कहा कि महापौर एवं आयुक्त ने तय किया है तो नियमों के अनुसार ही होगा।

निगम परिषद में एजेंडे की वैधता पर भाजपा पार्षदोंं का हंगामा, स्पीकर पर भी आरोप

अध्यक्ष जी! आप भी बदले-बदले नजर आने लगे
परिषद की बैठक में पहली बार ऐसा देखा गया कि भाजपा के पार्षदों ने अपने ही दल से जुड़े स्पीकर पर गंभीर आरोप मढ़ दिए। एमआइसी के वरिष्ठ सदस्य वेंकटेश पांडेय ने निगम आयुक्त पर आरोप लगा रहे थे, तो स्पीकर ने टोंका। जिस पर वेंकटेश ने कहा कि अध्यक्ष जी अब तो आप भी बदले-बदले से नजर आ रहे हैं, इसके क्या मायने हम निकालें। यह भी आरोप लगाया कि आयुक्त के दबाव में सदन काम कर रहा है। स्पीकर ने आपत्ति की तो उन्होंने कहा कि वह पत्र भी हमारे पास है, जिसके बाद से बदलाव हुआ है। इसे दिखा देंगे तो हंगामा मच जाएगा। इतना ही नहीं भाजपा पार्षद दल के सचेतक प्रकाश सोनी ने भी अध्यक्ष के खिलाफ व्यक्तिगततौर पर नारेबाजी की, जिसमें अन्य कई पार्षद शामिल रहे।

Manoj singh Chouhan
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