स्कूलों में किताबों के वितरण में बड़ी लापरवाही, शिक्षा अधिकारी फिर भी मौन

स्कूलों में किताबों के वितरण में बड़ी लापरवाही, शिक्षा अधिकारी फिर भी मौन

Ajeet shukla | Publish: Sep, 11 2018 01:09:21 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

जांच के नाम पर बीइओ कर रहे लीपापोती...

रीवा। शासकीय स्कूलों में किताबों के वितरण को लेकर प्राचार्यों की ओर से की गई लापरवाही पर शिक्षा अधिकारी मौन हैं। शिकायत और निरीक्षण के दौरान सामने आई अव्यवस्था पर शिक्षा अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए चेतावनी तो दी, लेकिन चंद दिन बाद ही भूल गए। नतीजा स्कूलों में स्थिति जस की जस बनी हुई है।

कई स्कूलों में किताबों का नहीं मिला सही रखरखाव
स्कूलों के निरीक्षण में शिक्षा अधिकारियों ने वितरण को आई सरकारी किताबों को कार्यालयों में डंप पाया गया है। कई स्कूलों में किताब खराब स्थिति में पाई गई। किताबों की इस स्थिति के मद्देनजर शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों को सूचीबद्ध कर कार्रवाई करने की योजना बनाई, लेकिन एक पखवारा पहले तैयार की गई योजना का अभी तक क्रियान्वयन नहीं हो सका है। इसका नतीजा यह रहा है कि स्कूल प्राचार्य अधिकारियों की चेतावनी को गीदड़ भभकी समझ व्यवस्था को सुधारने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।

विवरण देने को भी प्राचार्य नहीं हैं तैयार
स्कूलों में किताबों के वितरण को लेकर की गई शिकायतों के मद्देनजर जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने प्राचार्यों से वस्तुस्थिति पर रिपोर्ट मांगी। लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद स्कूलों ने किताबों के वितरण पर आधारित रिपोर्ट देने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं। प्राचार्य अध्यापक संविलियन सहित अन्य कार्यों में व्यस्त होने का हवाला दे रहे हैं।

यह हैं उदाहरण
- शासकीय हाईस्कूल बदरांव गौतमान में करीब एक पखवाड़ा पहले एक शिक्षक द्वारा किताब बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया था। वीडियो क्लीपिंग के साथ कलेक्टर व डीइओ से शिकायत की गई, लेकिन जांच के नाम पर अभी तक कार्रवाई लंबित है।
- शासकीय विद्यालय घोघर में शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान खुद किताबों को अव्यवस्थित रूप में रखा पाया। पूछताछ के बाद संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में प्राचार्य पर कार्रवाई के मद्देनजर नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया, लेकिन कवायद ठंडी पड़ गई है।

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