लॉकडाउन में फंसे छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों का टूटा सब्र, आक्रोशित श्रमिकों ने सड़क पर लगाया जाम

गुजरात से छत्तीसगढ़ जाने के लिए आए थे रीवा, प्रशासन नहीं करवा पाया बसों का इंतजाम

By: Anil singh kushwah

Updated: 24 May 2020, 01:49 AM IST

रीवा. दो दिन से फंसे प्रवासी मजदूरों के सब्र का बांध शनिवार रात टूट गया और उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया। वे प्रशासन से वाहन की व्यवस्था करवाने की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही अधिकारी पहुंच गए जिन्होंने समझाईश देकर जाम खुलवा दिया। गुजरात से करीब ढाई सैकड़ा प्रवासी मजदूरों ट्रेन से यूपी लाया गया था। वहां से मजदूरों को बसों के माध्यम से रीवा भिजवाया गया जहां इंजीनियरिंग कालेज में वे रुके थे। कुछ मजदूर शुक्रवार सुबह आए थे और कुछ शनिवार की सुबह रीवा आए थे। उनकी प्रशासन ने स्क्रीनिंग कराई और बसों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था लेकिन बसें नहीं पहुंची।

पुलिस ने समझाइश देकर खुलावाया रास्ता
दो दिन से इंजीनियरिंग कॉलेज में बसों का इंतजार कर रहे प्रवासी श्रमिक शनिवार की रात मार्तण्ड स्कूल तिराहे पहुंचे गए और यहां पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल पहुंच गया। उन्होंने श्रमिकों को समझाईश देने का प्रयास किया तो वे वाहन की व्यवस्था करवाने की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने उनको वाहनों की व्यवस्था करवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद उन्होंने जाम खोल दिया। हालांकि काफी देर तक श्रमिक सड़क के किनारे ही वाहन का इंतजार करते बैठे रहे।

श्रमिकों ने प्रशासन पर लगाए आरोप
प्रवासी श्रमिकों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है। श्रमिक लखनलाल का कहना था कि वह पूरे परिवार के साथ फंसा है। बच्चे भी साथ हैं। उनको एक टाइम का भोजन दिया गया है। जब हमने वाहन के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने साफ कह दिया कि तुम्हारी सरकार वाहन भेजेगी तभी हम भेज पाएंगे अन्यथा हमारे पास वाहन नहीं है। वहीं अनीता साहू का कहना था कि हमारे लिए प्रशासन कोई व्यवस्था नहीं कर रहा है। बच्चों को लेकर हम लोग यहां परेशान हैं, यदि प्रशासन वाहन की व्यवस्था नहीं करता है तो हम पैदल ही जाएंगे।

Anil singh kushwah Desk
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