भाई ने बका से बहन के दहिने हाथ की कलाई को कर दिया अगल, हथेली भी दो भाग में बटी

चिकित्सकों ने शहर के एक निजी हॉस्पिटल में रात 9 बजे से 3 बजे तक किया सफल आपरेशन, आब्जर्बेशन में रखा

By: Rajesh Patel

Updated: 20 Jan 2021, 10:36 AM IST

रीवा. सतना में एक भाई ने बहन पर हमलाकर कर धारकार हथियार (बका) से दाएं हाथ की कलाई से हथेली को अलग कर दिया। इतना ही नहीं दूसरी बार हमले में हथेली भी दो धड़ में बंट गई। सतना में जिला अस्पाल के चिकित्सकों ने रीवा के लिए रेफर कर दिया। परिजन रीवा में विंध्या हॉस्टिपल ले गए। जहां चिकित्सकों ने छह घंटे आपरेशन कर हाथेली को कलाई से जोडकऱ खून का संचार चालू कर दिया है। महिला आब्जर्बेशन के लिए रखा गया है।
सतना से रीवा रेफर होकर आई महिला
जिला अस्पताल सतना से उमा मिश्रा (26) पत्नी मनोज मिश्रा को रीवा संजय गांधी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पीडि़त महिला को लेकर रीवा पहुंचे। परिजन डॉ सौरभ सक्सेना से मिले। डॉ सौरभ सक्सेना ने बताया कि कलाई के साथ से हथेली अलग हो गई। कटी हुई हथेली की गदेरी से भी दो भाग हो गया था। बका से हमला किया गया है। पहले हड्डी को फिक्स की गई। खून की नसें यानी आने व जाने वाली नसों को जोड़ा गया। फिर एहसास करने वाले वाली नसों को जोड़ा गया।
धमनिया जुडऩे ही संचार हुआ ब्लड
धमनियां, आर्टिवेन, नर को जोड़ा गया है। मास को रोक दिया गया है। टेंडन जोड़ दिया है। जिसमें 24 टेंडन, दो नर, दो आट्र्री नसों को जोड़ा गया है। प्लास्टिक सर्जन डॉ. सौरभ सक्सेना के मुताबिक एनेस्थिीसिया डॉ प्रियंका श्रीवास्तव व हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ केपी मिश्रा की टीम ने रात्रि 9 बजे से 3 बजे तक करीब छह घंटे तक आपरेशन चला। डॉ. केपी मिश्रा बताते हैं कि इस तरह का पहला केस था। महिला की कलाई कट कर अगल हो गई थी। पहले महिला को समाइस दी। सबसे पहले टूटी हड्डियों को जोडऩे हुए धामनियों को जोड़ा गया। हड्डी फिक्स होने के बाद धामनियां जुडऩे ही हाथ में खून का संचार चालू हो गया। जिससे उमा मिश्रा का हाथ बचाया जा सका है। चिकित्सकों ने बताया कि मरीज को आब्जर्बन में रखा गया है।
बेटी के दर्द को देख कराह रही मां
अस्पताल में पीडि़त महिला उमा मिश्रा की बुजुर्ग मां बेटी की देखरेख कर रहीं हैं। बेटी के दाएं हाथ का आपरेशन करने के बाद चिकित्सकों ने बेड पर लेटाकर दायां हाथ बांध दिया है। बगल में बैठी मां बेटी के दर्द को देखकर कराह रहीं हैं। मां घटना को लेकर अभी भी असंजस में है।
मां बोली आखिर क्या दुश्मी हुई बेटे ने ऐसा कर दिया
आखिर ऐसा क्या हुआ कि बेटे ने ऐसा कदम उठा लिया। मां के मुताबिक बेटा भी सतना में एक डॉक्टर का प्रचार-प्रसार करता है। बिटिया भी सतना में रहती थी। दामाद मनोज मिश्रा गिट्टी बालू की ठेकेदारी करते हैं। पता नहीं बेटे की बिटिया से क्या दुश्मनी हो गई। इस तरह की घटना को अंजाम दे दिया। दर्द दोनों तरफर है। बिटिया की जिंदगी खराब हो गई यह कहते हुए कराह उठीं।

Rajesh Patel Reporting
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