Buildup india : पंचायतों की योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़े तो घर-घर मिले रोजगार, रुकेगा पलायन

जिले में 11 हजार समूहों में 1.32 लाख महिलाएं, कोरोना संकट काल में 272 महिलाओं ने संभाला मोर्चा, अब तक तैयार किया 2.64 लाख मास्क

By: Rajesh Patel

Published: 22 Jun 2020, 09:49 AM IST

रीवा. जिले में समूह की महिलाओं को पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं में भागीदारी बढ़े तो गरीब परिवारों में भी घर-घर रोजगार के अवसर मिलेंगे। अकेले रीवा जिले में अजीविका मिशन में 11 हजार समूहों का गठन किया गया है। समूहों में 1.32 लाख महिलाएं हैं।

महामारी संकट काल में संभाला मोर्चा
कुछ पंचायतों में स्कूलों में भोजन पकाने का काम दिया गया है। इसी तरह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में कार्य करने की हिस्सेदारी बढ़े तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वर्तमान समय में समूह की महिलाएं महामारी संकट से लडऩे के लिए मोर्चा संभाल लिया है। मास्क व सेनेटाइजर भी तैयार कर जिला पंचायत को उपलब्ध कराया है।

खाद्यान्न वितरण का बेहतर कर सकती हैं काम
पंचायतों में खाद्यान्न की दुकानों के संचालन का काम दिया जाए तो बेहतर तरीके से राशन का वितरण कर सकती हैं। मनरेगा के निर्माण कार्य में समूह की महिलाओं को मेठ आदि का काम देेकर महिला श्रमिकों की मॉनीटरिंग कर सकती हैं। प्रदेश के बाहर से लौटे प्रवासियों के साथ महिलाएं भी बड़ी संख्या में लौटी हैं। समूह की महिलाओं के साथ जोडकऱ पंचायत स्तरपर मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में शामिल किया जा सकता है। जिससे पंचायतों में घर-घर न केवल रोजगार मिलेगा। बल्कि पलायक भी नहीं होगा।

दो माह मेकं 272 महिलाओं को चार लाख की आमदनी
कोरोना संकट काल में जिले के सभी 9 विकासखण्डों में 93 स्वसहायता समूहों की 272 महिलाओं ने मास्क निर्माण की जिम्मेदारी उठाई। समूह की महिलाओं ने एक माह में 2.64 लाख मास्क का निर्माण किया। जिसमें से 2.40 लाख मास्क का वितरण भी कर दिया गया है। इस कार्य से समूह की महिलाओं को लगभग 4 लाख रुपए की आमदनी हुई। आजीविका मिशन की टीम द्वारा निरंतर मास्क निर्माण का कार्य जारी है।

महिलाओं ने 503 लीटर सेनेटाइज
जिले के तीन विकासखण्डों में पांच स्वसहायता समूह की 9 महिलाएं 503 लीटर सेनेटाइजर का निर्माण कर विभिन्न संस्थाओं को उपलब्ध कराया गया है। विकासखण्ड रीवा में लक्ष्मी स्वसहायता समूह की सदस्य आशा सिंह ने नवाचार करते हुए पीपीई किट का निर्माण किया है। लैब टेङ्क्षस्टग के पश्चात मांग अनुसार पीपीई किट का निर्माण किया जाएगा। लॉकडाउन के दौरान आजीविका मिशन के अंतर्गत चयनित बैंक एवं वीसी सखियों द्वारा बैंक खाता धारकों का सहयोग किया गया। एक हजार 800 खातों से लगभग 26 लाख 71 हजार 600 रूपये ग्राम स्तर पर जनधन खातों से आहरण कराने में सहयोग किया गया है।
वर्जन...
जिले में 11 हजार महिला समूहों का गठन किया गया है। पंचायत स्तर पर बनाई गई कार्य योजना में यादि शामिल किया जाए तो निश्चित ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कई जिले में समूहों से काम लिया जा रहा है। जिले में इस तरह की गतिविधियों चालू हो तो बात बने।
जितेन्द्र , सहायक जिला प्रबंधक, अजीविका मिशन

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Rajesh Patel Reporting
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