रीवा की सडक़ों पर अभी नहीं दौड़ेंगी बसें, टैक्स माफी को लेकर अड़े ऑपरेटर

बस संचालकों ने कलेक्टर को सौंपा आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन, यात्री किराया बढ़ाने की भी रखी मांग

 

By: Mahesh Singh

Published: 22 Jun 2020, 09:24 PM IST

रीवा. लॉकडाउन के दौरान बसों के बंद रहने के कारण टैक्स माफ करने और यात्री किराया बढऩे सहित अन्य आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बस ऑनर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर रीवा को सौंपा है। कहा मांगें मानी जाएं तभी बसें चलेंगी।

बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार प्रहलाद सिंह का कहना है कि मार्च माह में लॉकडाउन घोषित किया गया था, जिसके कारण सभी व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। तब से यात्री परिवहन व्यवसाय भी बंद रहा है। बसें पूरी तरह से बंद रही, जिससे बस मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि अब जबकि लॉकडाउन खुल गया है तो कोविड-19 के चलते यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। दिसंबर तक यह स्थिति बने रहने का अनुमान है। कम संख्या में बस संचालन प्रभावित होगा। इसलिए लॉकडाउन अवधि का टैक्स सरकार नहीं ले साथ ही दिसंबर 2020 तक बसों के टैक्स में छूट दी जाए। उनका कहना है कि जब तक टैक्स व इंश्योरेंस क्लीयर नहीं होता तब तक बस आपरेटर बसें चलाने की स्थिति में नहीं है।

वहीं बस ऑपरेटरों को उचित आर्थिक सहायता एवं उनसे जुड़े चालक, परिचालक एवं हेल्परों के लिए प्रतिमाह 5 हजार रुपए की सहायता की मांग भी की गई है। इस दौरान अध्यक्ष सरदार प्रहलाद सिंह, सचिव प्रमोद सिंह, कोषाध्यक्ष रमेश तिवारी, अयोध्या प्रसाद गुप्ता, जयदीप प्रधान, गौरव सिंह, बब्लू सहित दर्जनों बस ऑपरेटर मौजूद रहे।

एसोशिएशन ने यह मांगें भी उठाई
-व्यवसायिक मंदी को देखते हुए ऋण राशि की ब्याज में छूट और किश्तों की सीमा बढ़ाई जाए।
- शासन बीमा कंपनियों को लॉकडाउन अवधि का बीमा तीन माह के लिए बढ़ाने का निर्देश जारी करे।
-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और यात्री किराया कम है, इसलिए यात्री किराया में 50 प्रतिशत वृद्धि की जाए।
-टोल नाकों पर बसों के लिए टैक्स अधिक लिया जा रहा है। बसों को टोल टैक्स से मुक्त किया जाए।
-टैक्स भुगतान की एकमुश्त योजना की अवधि बढ़ाई जाए, जिससे वाहन स्वामी उसका लाभ ले सकें।

Mahesh Singh Desk
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