हाइवे पर मवेशियों का दिनरात डेरा, पेट्रोलिंग वाहन का वाहन पता

- रीवा से हनुमना और चाकघाट तक के हाइवे में बढ़ती दुर्घटनाओं की वजह बन रहे आवारा मवेशी

By: Mrigendra Singh

Published: 04 Oct 2021, 09:54 PM IST


रीवा। जिले से गुजरने वाले नेशनल हाइवे ठेका कंपनियों की मनमानी के चलते बदहाली का शिकार होते जा रहे हैं। सड़क पर दिनरात आवारा मवेशियों का डेरा रहता है। जिसकी वजह से आवागमन बाधित होने के साथ ही दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ठेका कंपनी का पूरा जोर टोल टैक्स की वसूली पर है, वह सड़क की बदहाली सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। इन हाइवे से गुजरने वाले वाहनों से टैक्स लेने के बदले नियम है कि बाधा रहित आवागमन की सुविधा भी दी जाएगी। जगह-जगह मवेशियों के झुंड की वजह से वाहनों की गति प्रभावित होती है। इतना ही नहीं सड़क किनारे लगाए गए स्ट्रीट लाइट जो आए दिन बंद रहते हैं। सड़क पर अंधेरे की वजह से दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। रात्रि के समय अचानक वाहनों के आगे मवेशी आने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। सड़कों से टोल टैक्स वसूली के नाम पर ठेका कंपनियों के गुर्गों द्वारा आए दिन वाहन चालकों से बदसलूकी की जा रही है। लगातार शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। हाइवे में जनसुविधा के लिए शौचालयों की व्यवस्था नहीं दी गई है और पूर्व में मौजूद पेड़ों को काटने के बाद दस गुना नए पौधे लगाने का अनुबंध होने के बाद भी पालन नहीं किया जा रहा है।
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स्ट्रीट लाइट बंद होने से समस्या बढ़ी
हाइवे में कस्बाई एवं अन्य भीड़भाड़ से जुड़े स्थानों पर स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई है। जिससे पैदल एवं साइकिल से चलने वाले लोगों को मार्ग दिखाई दे। साथ ही रात्रि में दूर तक सड़क दिखती रही, जिससे दुर्घटनाएं नहीं हों। जानकारी मिली है कि कस्बाई बायपासों के आसपास ही ५४० की संख्या में स्ट्रीट लाइट लगे हुए हैं। अन्य स्थानों पर भी इसी तरह से डिवाइडर और सड़क के दोनों किनारे में स्ट्रीट लाइट लगाई गई है, जिसमें टोल नाकों के अलावा अधिकांश जगह रात्रि में बंद ही रहती है। सायं एवं रात्रि के समय दोपहिया वाहन चालकों एवं पैदल यात्रियों के टकराने की प्रमुख वजह स्ट्रीट लाइट बंद होने को भी माना जा रहा है।
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दुर्घटनाओं की जवाबदेही ठेका कंपनी पर तय हो
नेशनल हाइवे में रीवा से हनुमना तक और मनगवां से चाकघाट तक खराब हो रही सड़कों की नियमित मरम्मत नहीं होने और आवारा मवेशियों के झुंड की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर शिकायत भी की गई है। किसान नेता शिव सिंह ने हाइवे की दुर्दशा को लेकर फोटो एवं वीडियो भी बनाया है और उसी के साथ जिम्मेदारों तक शिकायत भेजी है। सिंह ने कहा कि एनएचएआइ और एमपीआरडीसी की जवाबदेही है कि वह इन सड़कों से गुजरने वालों से टैक्स वसूलते हैं तो आवागमन की सुविधाएं भी प्रदान करें। हर महीने दोनों हाइवे में करीब सैकड़ा भर की संख्या में दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें अधिकांश में सड़क खराब होने पर वाहनों का अनियंत्रित होना और मवेशियों का सड़क पर बैठे होना ही कारण बनता है। इन दुर्घटनाओं में मौतें भी हो रही हैं। उन्होंने कहा है कि इन दुर्घटनाओं की जवाबदेही टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी और सुपरवीजन करने वाले विभागों के अधिकारियों पर तय करते हुए एफआइआर दर्ज होना चाहिए।
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गौशालाओं तक मवेशियों को पहुंचाने की व्यवस्था नहीं
जिले में गौशाला संचालन के नाम पर आए दिन भ्रष्टाचार की शिकायतें आती हैं। अधिकांश में गौशाला संचालकों का तर्क होता है कि उनके पास जितने मवेशी आते हैं उनका रखरखाव करते हैं। हाइवे के किनारे ही कई जगह पर गौशालाएं खाली पड़ी हैं, लेकिन वहां तक पहुंचाने की व्यवस्था न तो हाइवे की देखरेख करने वाली ठेका कंपनी कर रही है और न ही स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है। रायपुर कर्चुलियान के नजदीक ही हाइवे के किनारे चोरगड़ी में गौशाला खाली पड़ा हुआ है।

Mrigendra Singh Reporting
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