रीवा के चिरहुला मंदिर को विकसित करेगा प्रशासन, ऐसा होगा स्वरूप, आप भी दे सकते हैं सुझाव

रीवा के चिरहुला मंदिर को विकसित करेगा प्रशासन, ऐसा होगा स्वरूप, आप भी दे सकते हैं सुझाव
chirahula hanuman mandir rewa, devlopment plan

Mrigendra Singh | Updated: 18 Aug 2019, 08:59:50 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India


पत्रिका- सोशल प्राइड
लक्ष्मणबाग ट्रस्ट चिरहुलानाथ मंदिर परिसर को करेगा विकसित
- ट्रस्ट के प्रशासक कलेक्टर ने परिसर विस्तार के लिए लोगों से मांगा सुझाव
- वाहन पार्किंग और सड़क चौड़ीकरण का होगा कार्य, कुछ दिन पहले ही भोपाल से बुलाए गए थे आर्किटेक्ट

 

 

रीवा। शहर के प्रमुख चिरहुलानाथ मंदिर परिसर को धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका कायाकल्प लक्ष्मणबाग ट्रस्ट की देखरेख में किया जाएगा। कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव स्वयं इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही भोपाल से आर्किटेक्ट बुलाए गए थे, जिन्हें मंदिर परिसर का भ्रमण कराया गया है।

अब कलेक्टर ने मंदिर के कायाकल्प से जुड़ी तैयारियों को जनता के सामने रख दिया है और सुझाव मांगा है कि और क्या बेहतर किया जा सकता है। गत दिवस भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से कई सुझाव दिए गए थे। जिन्हें कार्ययोजना में शामिल किया गया है। यह हनुमान मंदिर शहर ही नहीं आसपास के लोगों की भी आस्था का केन्द्र है।

यहां पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा मानस पाठ के साथ ही हर दिन भंडारे भी आयोजित किए जा रहे हैं। कई प्रमुख अवसरों पर तो यहां इतनी अधिक भीड़ पहुंचती है कि उसे नियंत्रित कर पाना भी मुश्किल होता है। इसी वजह से अब व्यवस्थाएं नए सिरे से बनाई जा रही हैं। शासन स्तर से भी स्वीकृति मिल चुकी है, कलेक्टर से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगी गई है। कलेक्टर ने आगामी ३१ अगस्त तक लोगों से सुझाव देने के लिए कहा है। इसके लिए चिरहुला मंदिर में एक सुझाव पेटिका लगाई गई है। साथ ही कलेक्टर कार्यालय में भी सुझाव देने के लिए कहा गया है।

- मंदिर के आसपास की भूमि खाली कराना बड़ी चुनौती
चिरहुला मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में मकान बन गए हैं। इन्हें खाली कराना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। साथ ही मंदिर के पास से ही आगे के मोहल्ले के लोगों के लिए सड़क भी निकली है। उस मोहल्ले के लोग दूसरे मार्ग से जाने को तैयार नहीं हैं, इसलिए प्रशासन को इन चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा।

- मंदिर के भीतर अगरबत्ती होगी प्रतिबंधित
मंदिर में अगरबत्ती लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके लिए परिसर में बाहर अगरबत्ती स्टैंड बनाया जाएगा। मंदिर परिसर में केवल घी के दीपक जलाने की अनुमति होगी। अभी नारियल फोड़कर परिसर में कई जगह उसका कचरा फैलाया जा रहा है। इसके लिए भी स्थान नियत किया जाएगा। मंदिर परिसर में फोड़े हुए या फिर गोले के रूप में नारियल समर्पित करने की अनुमति होगी।

- इंदौर के खजराना की तर्ज पर हो विकास
चिरहुला मंदिर को इंदौर के खजराना मंदिर की तर्ज पर विकसित करने की मांग उठाई गई है। कई लोगों ने यह सुझाव प्रशासन को दिया है। वार्ड 44 के पार्षद नीरज पटेल बताते हैं कि दुकानें व्यवस्थित कराने के साथ ही पार्किंग और यहां होने वाले भंडारे के लिए स्थान की व्यवस्था जरूरी है। खजराना मंदिर सबसे बड़ा उदाहरण इसके लिए साबित होगा। वहीं वार्ड ४३ के पार्षद मनोज सिंह का भी कहना है कि ऐसी व्यवस्थाएं दी जाएं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी बना रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की समस्या नहीं हो। जिले के बाहर से भी लोग यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं।

- इन कार्यों का प्रस्ताव
- मंदिर परिसर का पुनरोद्धार, बाउंड्रीवाल, पक्का फ्लोर, कवर्ड ड्रेनेज, आधुनिक रसोईघर सहित नया भोजनालय।
- पुस्तकालय एवं पुस्तक बिक्री केन्द्र।
- वर्तमान पार्किंग का विस्तार एवं उसी क्षेत्र में फूल-प्रसाद की दुकानें।
- मंदिर मार्ग में बैरियर लगाकर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित करना, मंदिर के पीछे रहने वालों के लिए वैकल्पिक मार्ग का इंतजाम।
- मंदिर तक जाने वाले मार्ग का अतिक्रमण हटाना और सौंदर्यीकरण।
- सुरक्षा के लिए ट्रस्ट की ओर से २४ वालेंटियर और सात सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे एवं कंट्रोल रूम।
- मंदिर परिसर में होने वाले मानस, भजन के लिए नए भवन का निर्माण, बाहर से लाए जाने वाले माइक, डीजे प्रतिबंधित।
- मानस एवं भंडारों के लिए दान(शुल्क) का निर्धारण।
- मंदिर की वेबसाइट का निर्माण, दान-शुल्क आनलाइन जमा करने की भी व्यवस्था होगी।
- कथा वाचन करने वाले पंडितों का पंजीयन एवं चक्रीय क्रम के आधार पर उनके दिन या अवसर निर्धारित होंगे।
-----------
देवतालाब और अष्टभुजा मंदिर का भी होगा कायाकल्प
जिले के प्रसिद्ध शिव मंदिर देवतालाब और अष्टभुजा मंदिर का भी कायाकल्प होगा। शासन ने इन दोनों स्थानों के लिए भी प्रस्ताव मांगा है। नईगढ़ी के जनपद उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह इस मामले को लेकर कलेक्टर से मिले। कलेक्टर ने उनसे कहा है कि वह लोगों से संवाद स्थापित कर वहां की रूपरेखा तय करने में सुझाव दें। देवतालाब को पहले भी पर्यटन नगरी घोषित किया गया था लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए थे। कुछ दिन पहले ही भोपाल में विभागीय मंत्री और प्रमुख सचिव को जनपद उपाध्यक्ष ने भोपाल में ज्ञापन दिया था। स्थानीय स्तर पर अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी यह मांग उठाई जाती रही है।
--

चिरहुला को धाॢमक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी कार्ययोजना बना रहे हैं। शहर के लोगों से सुझाव मांगा है ताकि बाद में किसी तरह की आपत्ति नहीं रहे। प्रयास है कि महीने भर बाद इसका कार्य प्रारंभ कर दिया जाए।
ओपी श्रीवास्तव, कलेक्टर रीवा

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned