सरकार ने रीवा में विपणन संघ से गेहूं उपार्जन की व्यवस्था छीनकर नान को सौंपा

जिले में लंबे समय से समर्थन मूल्य पर गेहूं तौल की व्यवस्था देख रहा था मार्कफेड

By: Rajesh Patel

Updated: 26 Feb 2021, 10:02 AM IST

रीवा. समर्थन मूल्य पर गेहंू की खरीदी के लिए सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन कर दिया है। रीवा में अभी तक गेहूं उपार्जन विपणन संघ जिम्मेदारी संभाल रहा था। चालू सीजन में सरकार ने विपणन संघ से छीन कर नागरिक आपूर्ति निगम को धान के साथ ही गेहूं की भी व्यवस्था सौंप दी है। शासन का पत्र आने के बाद विपणन संघ के अधिकारी हाथ पर हाथ रखे बैठे हुए है। नागरिक आपूर्ति निगम गेहूं उर्पाजन की तैयारी में जुट गया है।
नागरिक आपूर्ति निगम को दे दिया
जिले में गेहूं, चना, सरसो और मसूर के तौल की जिम्मेदारी लंबे समय से विपणन संघ को दी गई थी। जबकि धान की खरीदी नागरिक आपूर्ति निगम देखा रहा है। चालू सजीन में गेहूं उपार्जन के लिए शासन ने इस बार व्यवस्था परिवर्तन कर गेहूं उपार्जन का भी काम नागरिक आपूर्ति निगम को दे दिया है। जिला प्रबंधक आरबी तिवारी के मुताबिक चालू सीजन में गेहंू के तौल की प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई है। रेकार्ड के अनुसार बीते सीजन में 12.50 लाख क्विंटल गेहूं की तौल की गई थी।
चालू सीजन में डेढ़ गुना बढ़ा पंजीयन
चालू सीजन में पंजीयन डेढ़ से दो गुना बढऩे के कारण तौल का लक्ष्य भी 15 लाख क्विंटल से अधिक कर दिया गया है। फिलहाल लक्ष्य अभी फाइनल नहीं हुआ है। पंजीयन के आधार पर जल्द ही तौल का लक्ष्य फाइनल होगा। इधर, चर्चा है कि नागरकि आपूर्ति निगम में अव्यवस्था के चलते अभी तक धान की तौल से लेकर मिलिंग में गड़बड़ी चल रही है। अब गेहूं उपार्जन की व्यवस्था में भी गड़बड़ी की आशंका है।

Rajesh Patel Reporting
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