इस प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल में डॉक्टर ने बाएं की बजाय दाएं पैर का लिख दिया एक्सरे

सतना के अमरपाटन से मारपीट में चार घायल रेफर होकर पहुंचे थे अस्पताल, सिर्फ पट्टी बदलकर छोड़ा

By: Rajesh Patel

Published: 19 May 2019, 12:26 PM IST

रीवा. विंध्य के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल में लापरवाही रुक नहीं रही है। आकस्मिक चिकित्सा केंद्र में शनिवार आधी रात पहुंचे घायलों को डॉक्टर ने सिर्फ पट्टी बदल कर छोड़ दिया। बेड नहीं मिलने से घायल रातभर बाहर तड़पते रहे। सुबह सीएमओ ने घायल महिला दुर्गाबाई का एक्सरे कराने के लिए बाएं पैर की बजाय दाएं पैर का लिख दिया। जिसे सुधरवाने में डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय लगा। हैरान करने वाली बात है कि सिटी स्कैन और एक्सरे रिपोर्ट बिना ही दोपहर में घायलों को छुट्टी दे दी गई।

सतना से रेफर होकर पहुंचे थे संजय गांधी हॉस्पिटल
सतना के अमरपाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से रेफर होकर शुक्रवार रात 12 बजे घायल संजय गांधी अस्पताल पहुंचे। घायलों में दुर्गाबाई के बाएं पैर में घुटने के नीचे गंभीर चोट लगी है। चोट इतनी गंभीर की वह चल-फिर नहीं पा रही थी। परिजन इलाज के लिए गिड़गिड़ाते रहे। शुक्रवार रात 12.30 बजे आकस्मिक चिकित्सा केन्द्र में जूनियर डॉक्टर ने दुर्गाबाई के पैर की पट्टी बदल दी। रात दो बजे डॉक्टर बोले घर चले जाओ, भर्ती नहीं किया जाएगा। परिजनों ने कहा कि एमएलसी का केस है, भर्ती कर लीजिए, डॉक्टरों ने कहा कि सुबह आना। बेड नहीं मिलने पर सभी घायल अस्पताल के बाहर फर्श पर आधी रात से लेकर शनिवार सुबह 9.20 बजे तक कराहते रहे।

गहरी चोट है एक्सरे करवा दीजिए
सुबह सीएमओ डॉ. अपराजिता पहुंचीं। परिजन ने बताया कि भगवानदीन की छाती पर गहरी चोट आयी है। एक्सरे करवा दीजिए। साथ आए पुष्पराज सिंह ने बताया कि सीएमओ ने दुर्गाबाई साकेत के बाएं पैर में चोट लगी है लेकिन, उन्होंने दाहिने पैर का एक्सरे कराने के लिए लिख दिया। करीब डेढ़ घंटे तक कागज को सुधरवाने में लगे। इसी तरह रामसहाय चौधरी के सिर में टांगी लगी थी। छह टांके लगे हैं। सिटी स्कैन के लिए 2500 रुपए जमा कराया गया। परिजनों का आरोप है कि बिना एक्सरे रिपोर्ट आए ही डॉक्टरों ने दोपहर डेढ़ बजे घर जाने को कह दिया।

गायनी में सरोज को कराया भर्ती
अमरपाटन के मौहरिया गांव में पुरानी रंजिश को लेकर राम सहाय चौधरी के पक्ष के चार लोगों को घायल कर दिया गया। झगड़े के बीच-बचाव में पहुंची गर्भवती सरोज को भी चोटें आई है। सरोज को लेकर जैसे ही संजय गांधी अस्पताल पहुंचे। गायनी वार्ड में तत्काल भर्ती कर इलाज चालू कर दिया गया।

बारात के दिन ही बोला हमला
सतना के अमरपाटन के मौहरिया गांव में अभयनंद की शादी थी। पूरा परिवार ब्याह में शामिल होने के लिए इकट्ठा था। घायलों ने बताया कि 2018 में झगड़ा हुआ था। तभी से गांव के ही कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही है। बारात की तैयारी हो ही रही थी कि आधा दर्जन युवक शराब पीकर आए और टांगी से बुजुर्ग भगवानदीन पर हमला बोल दिया। बीच बचाव में आयीं महिलाओं को चोट आयी है।

जूडॉ के भरोसे इलाज
एसजीएमएच व जीएमच में जूनियर डॉक्टरों के भरोसे मरीजों का इलाज चल रहा है। ज्यादातर सीनियर डॉक्टर न तो ओपीडी में और न ही वार्ड में मरीजों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी में मरीज बेहाल हैं। शनिवार ओपीडी में भी 1300 से अधिक मरीज पहुंचे। मरीजों को ओपीडी से लेकर दवा काउंटर पर जद्दो-जहद करना पड़ा। नईगढ़ी से पहुंचे शिवकरन ने बताया कि पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी में डॉक्टरों को दिखने में तीन घंटे लगे। इसके अलावा डेढ़ घंटे तक दवा काउंटर पर परेशान होना पड़ा।

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Rajesh Patel Reporting
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