भाजपा की सरकार आई तो किसानों की समस्या फिर बढ़ी, फसल नहीं बेच पा रहे किसान

- पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने कहा जिले में हालात नहीं सुधरे तो किसान सड़क पर उतरेंगे

By: Mrigendra Singh

Updated: 20 Nov 2020, 12:12 PM IST


रीवा। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत किसानों को परेशान किया जा रहा है। मेहनत से किसान ने फसल तो तैयार कर ली लेकिन अब उसकी खरीदी को लेकर मनमानी की जा रही है। धान खरीदी के लिए किसानों का ठीक से पंजीयन नहीं हुआ है। हजारों किसान ऐसे हैं जिनकी उपज के अनुसार खरीदी के लिए पंजीयन नहीं हो पाया है। जिसकी वजह से मजबूर होकर सस्ते दाम पर बाजार में बेचना पड़ेगा। सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार में बीते साल रीवा जिले में खरीदी के केन्द्र बढ़ाए जा रहे थे, किसानों की सुविधाओं के लिए प्रयास किए जा रहे थे। वहीं इस साल पटवारियों के माध्यम से किसानों को परेशान किया जा रहा है। बिजली की अघोषित कटौती के चलते किसान पलेवा नहीं लगा पा रहे हैं। समितियों में खाद-बीज की समस्या बनी हुई है, जिससे बाजार में अधिक कीमत देनी पड़ रही है। हनुमना क्षेत्र के कैलाशपुर प्रोजेक्ट को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता के दबाव में प्रोजेक्ट तो तैयार कर चुकी है लेकिन उत्तरप्रदेश की सरकार के साथ वार्ता कर इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के सचिव विनोद शर्मा ने कहा कि खरीद फरोख्त से बनी सरकार जनता के आक्रोश से चली जाएगी।

- हल्दी जगह प्याज को शामिल करे सरकार
सरकार द्वारा एक जिला-एक उत्पाद नाम से योजना प्रारंभ की गई है। जिसमें रीवा जिले को हल्दी के उत्पादन का हब बनाने का दावा किया गया है। इस पर सुखेन्द्र सिंह ने कहा कि मैदानी अवलोकन किए बिना सरकार ने योजना बनाई है। रीवा जिला प्याज के उत्पादन का हब है, इसे ही योजना में शामिल किया जाए ताकि किसान और अधिक मात्रा में उत्पादन कर सकें। किसान चार-पांच रुपए में प्याज बेचते हैं और बाद में यही महंगे दाम पर मिलती है। इसलिए किसानों के हित को देखते हुए योजना बनाई जाए।

Mrigendra Singh Reporting
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