संरक्षित क्षेत्र देउर कोठार में हुई आगजनी का जायजा लेने पहुंचे सांसद

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- शैल चित्रों का किया अवलोकन, पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से की बात

By: Mrigendra Singh

Published: 03 Apr 2021, 09:25 PM IST


रीवा। पुरातत्व की ओर से संरक्षित किए गए देउर-कोठार के क्षेत्र में एक दिन पहले भड़की आग से जंगल के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा है। इस क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और पुरातात्विक अवशेष हैं। इनके नष्ट होने की आशंका जाहिर की जा रही थी। आग पर तो काबू पाया गया है लेकिन जंगल के बड़े हिस्से का नुकसान हुआ है। घटना की जानकारी लेने के लिए सांसद जनार्दन मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब घंटे भर से अधिक समय तक आगजनी से प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया।

इस क्षेत्र में आदिकाल के शैलचित्र मौजूद हैं, जिन्हें पुरातात्विक धरोहर के रूप में सहेजा गया है। शैल चित्रों को कोई अधिक नुकसान नहीं हुआ है लेकिन उनके आसपास मौजूद पेड़-पौधे जल गए हैं। यह क्षेत्र बौद्ध स्तूपों को लेकर भी चर्चित है। जिसे देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी आते हैं।

बौद्ध काल की कई अन्य स्मृतियां भी यहां पर मौजूद हैं। उन्हें भी सांसद ने देखा। पुरातत्व विभाग के अधिकारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद सांसद मिश्रा ने निर्देशित किया है कि इस पूरे क्षेत्र के संरक्षण के लिए कार्ययोजना बनाएं। उसमें यदि उनके स्तर पर किसी सहयोग की आवश्यकता होगी तो उसे उपलब्ध कराएंगे।

सांसद ने कहा कि देउर कोठार हमारी धरोहर का स्थल है, इसकी वजह से रीवा की पहचान देश के बाहर भी है। यह दुनिया के पर्यटन नक्शे में है। ऐसे स्थान पर दोबारा आगजनी की घटना या फिर अन्य किसी तरह की नुकसानदायक घटना नहीं हो इसे रोकने के भी प्रयास करने का निर्देश दिया है।
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Mrigendra Singh Reporting
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