MP GOVT : जो अब तक सीनियर बनकर झाड़ते थे रौब, एक ही निर्देश पर हो जाएंगे जूनियर

13 वर्ष पहले पदोन्नति से बने प्रोफेसर्स की वरिष्ठता पर सवाल, सीधी भर्ती वालों से होंगे जूनियर
- कई वर्षों से नियमों को दरकिनार कर कालेजों के प्राचार्य सहित अन्य जिम्मेदार पदों के हैं प्रभार में
- शासन द्वारा मांगी गई जानकारी विभाग ने भेजी, रीवा जोन में 14 प्रोफेसर सीधी भर्ती से हुए थे नियुक्त

By: Mrigendra Singh

Updated: 09 Dec 2019, 11:11 AM IST

रीवा। कालेजों में वर्षों से कार्य कर रहे प्रोफेसर्स की वरिष्ठता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नति से बनाए गए प्रोफेसर रीवा सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में कालेजों के प्रमुख पदों के प्रभार में हैं। विभाग ने इन्हें वरिष्ठता का दर्जा भी दे रखा है।

जबकि नियम है कि प्रोफेसर की नियुक्ति सीधी भर्ती द्वारा की जाएगी। सरकार ने सीधी भर्ती पर अधिक ध्यान नहीं दिया और पदोन्नति के सहारे ही व्यवस्थाएं चलती रहीं। वर्ष 2011 में सीधी भर्ती से प्रोफेसर नियुक्त हुए थे, पदोन्नति वालों से इन्हें ही वरिष्ठता माना जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने भी इसके लिए निर्देश जारी कर रखा है। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब को लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

शासन द्वारा मांगी गई जानकारी विभाग ने शुक्रवार को भेज दी है। अब विधानसभा में जवाब प्रस्तुत करने के समय शासन इस विसंगति पर कौन से निर्णय लेता है, यह भी आने वाले कुछ दिनों में तय होगा। कोर्ट ने स्पष्ट कर रखा है कि सीधी भर्ती वाले प्रोफेसर कालेज में वरिष्ठ कहलाएंगे। वेतन में मिलने वाला ग्रेड पे भी सीधी भर्ती वालों का दस हजार है और पदोन्नति वालों का नौ हजार रुपए।

भर्ती नियम 1990 में स्पष्ट प्रावधान है कि कालेजों में प्राध्यापकों के सभी पद सीधी भर्ती द्वारा भरे जाएंगे। कालेजों में पदोन्नति वाले प्रोफेसर प्राचार्य एवं अन्य पदों के प्रभार हैं, यदि नियमों का पालन किया गया तो इनका प्रभार भी छिन सकता है।


- वर्ष 2006 में प्रोफेसर बने तो नहीं दी परीक्षा
विभाग ने वर्ष 2006 और 2010 में पदोन्नति देकर प्रोफसर्स की नियुक्ति की थी। सीधी भर्ती में वे लोग बैठे जो जूनियर थे, इसलिए पदोन्नति के लिए वर्षों का इंतजार नहीं कर पीएससी की परीक्षा में बैठे और चुने गए। वर्ष 2006 में प्रोफेसर बने डॉ. प्रभात पाण्डेय ने बताया कि उनके जैसे अन्य कई प्रोफेसरों ने यह माना कि जब प्रोफेसर बन चुके हैं तो फिर सीधी भर्ती परीक्षा में बैठने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि शासन क्या निर्णय लेता है, इसका इंतजार करना होगा।


- सीधी भर्ती के तहत इनकी हुई है नियुक्ति
रीवा- टीआरएस कालेज में पदस्थ संकटा प्रसाद शुक्ला। जबकि पदोन्नति वाले रामलला शुक्ला प्राचार्य के प्रभार में हैं। माडल साइंस कालेज में आरती सक्सेना, रवीन्द्रनाथ तिवारी, ऋषि कुमार तिवारी आदि की जगह पंकज श्रीवास्तव प्रभारी प्राचार्य हैं। कन्या महाविद्यालय में आशुतोष कुमार द्विवेदी, सुधा सोनी के स्थान पर नीता सिंह प्राचार्य हैं।
सीधी- संजयगांधी अस्पताल में सीधी भर्ती के प्रोफेसर केएस नेताम, पुष्पा तिवारी, अरुणा ठाकुर पदस्थ हैं, प्राचार्य एआर सिंह को बनाया गया है।
सतना- पीजी कालेज सतना में सीधी भर्ती से एके दीक्षित, गौहर हुफेजा खान, सुनीता शुक्ला के बजाय नीरजा खरे को प्राचार्य का प्रभार दिया गया है। अमरपाटन में एसके वर्मा की जगह पीपी पाण्डेय, मैहर में बीके रस्तोगी की जगह प्रभा पाण्डेय को प्राचार्य बनाया गया है।
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सीधी भर्ती और पदोन्नति वाले प्रोफेसरों की नियुक्ति यदि एक ही दिन की है तब सीधी भर्ती वाले सीनियर माने जाएंगे। विभाग ने प्रदेश भर के प्रोफेसरों की वरिष्ठता सूची जारी कर रखा है। हमने जो सूचना मांगी गई थी, उसे भेजा गया है।
डॉ. पंकज श्रीवास्तव, एडी उच्च शिक्षा

Mrigendra Singh Reporting
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