disaster management : मानसून आने से पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में होंगी यह व्यवस्थाएं, रीवा में 129 गांव चिन्हित

कमिश्नर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से की आपदा प्रबंधन की समीक्षा, बाढ़ में राहत तथा बचाव की तैयारियां 15 जून तक दी डेडलाइन

By: Rajesh Patel

Updated: 09 Jun 2021, 08:48 AM IST

रीवा. जिले के तराई अंचल में 129 गांव बाढ़ प्रभावित एरिया में हैं। मानसून आने से पहले बाढ़ प्रभावित एरिया में बेसिक तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। कमिश्नर अनिल सुचारी ने बाणसागर परियोजना से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि सभी जिलों के अधिकारी बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा करके 15 जून तक राहत एवं बचाव कार्य से जुड़ी तैयारियां पूरी कर लें। बाढ़ की स्थिति में राहत शिविर लगाने के लिए स्थान के चयन से लेकर बचाव दल, राहत के उपकरण, दवाओं, खाद्य सामग्री की आपूर्ति तथा बिजली एवं पानी की व्यवस्था से जुड़ी कार्यवाहियां सुनिश्चित करें। बाढ़ पर नियंत्रण के लिए समय पर सूचनाओं का आदान-प्रदान आवश्यक है।
15 जून से बस्तियों को हटा दें
कमिश्नर ने कहा कि बाणसागर बांध की अप स्ट्रीम तथा डाउन स्ट्रीम में बाढ़ संभावित क्षेत्र चिन्हांकित हैं। अप स्ट्रीम में सतना तथा शहडोल जिलों में बांध के जल भराव क्षेत्र में अस्थायी बस्ती बनाकर खेती की जाती है। इन क्षेत्रों से 15 जून तक सभी बस्तियां हटा दें। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लें। बाढ़ से बचाव के लिये व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारियों को जोड़ें।
सिंगरौली जिले के 129 गांव बाढ़ प्रभावित
बाणसागर बांध की डाउन स्ट्रीम में सीधी तथा सिंगरौली जिले के 129 गांव बाढ़ संभावित हैं। आपदा प्रबंधन के लिये संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश पत्र जारी कर दिये गये हैं। इनके अनुरूप कार्यवाही करें। बैठक में कलेक्टर सिंगरौली राजीव रंजन मीणा तथा कलेक्टर सतना अजय कटेसरिया ने बताया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में समस्त तैयारियां कर ली गई हैं।
कलेक्टर शहडोल, सीधी ने दी जानकारी
कलेक्टर शहडोल सतेन्द्र सिंह तथा कलेक्टर सीधी रवीन्द्र कुमार चौधरी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग में बताया कि प्रत्येक बाढ़ संभावित गांव में आपदा प्रबंधन दल गठित कर दिया गया है।
रीवा में बाढ़ प्रभावित एरिया चिहि़ंत
कलेक्टर रीवा डॉ. इलैयाराजा टी ने बताया कि रीवा शहर तथा त्योंथर क्षेत्र के 129 गांवों में बाढ़ का खतरा रहता है। इनमें राहत तथा बचाव के लिये कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम शुरू हो गये हैं। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में डीआईजी अनिल सिंह कुशवाह ने कहा कि पुलिस कंट्रोल रूम से जिला स्तरीय बाढ़ कंट्रोल रूम सतत संपर्क में रहे।
बांध के जलभराव क्षेत्र में 79 गांव
बैठक में मुख्य अभियंता गंगा कछार सीएम त्रिपाठी ने बाणसागर बांध के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बांध के जल भराव क्षेत्र में 79 गांव आंशिक रूप से डूब में आते हैं। इन गांवों में ही बाढ़ की समस्या होती है। बांध के पूरे क्षेत्र को 6 जोन में बांट कर जोनल अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।
कटनी जिले के 27 गांव बांध प्रभावित
कटनी जिले के 27 गांव तथा उमरिया जिले के 18 गांव बांध के बैक वाटर से प्रभावित होते हैं। बैठक में लोक निर्माण विभाग को अति वर्षा की स्थिति में जलमग्न होने वाले पुल-पुलियों में संकेतक तथा बैरियर लगाने के निर्देश दिये गए।

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