दस हजार किसानों का सत्यापन बाकी, इन किसानों को ही मिलेगा लाभ

जिला नियंत्रक ने केन्द्र का किया निरीक्षण, सत्यापन के लिए तहसीलदारों को भेजा पत्र, कलेक्टर ने पंजीयन के लिए अवकाश के दिन भी केन्द्र खोलने का दिया निर्देश

By: Rajesh Patel

Published: 10 Mar 2019, 01:13 PM IST

 

रीवा. जिले में राजस्व विभाग की अनदेखी के चलते पंजीकृत किसानों का सत्यापन की प्रगति धीमी है। मामले में कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने तहसीलदारों को प्रगति बढ़ाने को निर्देश दिया है। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों का पंजीयन करने के लिए रविवार को भी केन्द्र खुले रहेंगे। इसके लिए शासन स्तर पर 24 घंटे पोर्टल खुले रहने का भी निर्णय लिया गया है।

रीवा में 28 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन
जिले में रबी फसलों की बिक्री के लिए अब तक 28 हजार किसान पंजीयन करा चुके हैं। सर्वर की धीमी प्रगति के कारण पंजीयन का काम धीमा चल रहा है। शनिवार की स्थित में पंजीकृत किसानों में से करीब दस हजार किसानों का सत्यापन नहीं हो सका है।

आपूर्ति नियंत्रक ने पंजीयन केन्द्र का किया निरीक्षण
खाद्य एवं जिला अपूर्ति नियंत्रक राजेन्द्र सिंह ठाकुर ने गोविंदगढ़ केन्द्र पर किसानों के पंजीयन का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने पंजीयन की जानकारी ली और निर्देश दिया कि रविवार को भी पंजीयन के लिए केन्द्र खुले रहेंगे। पोर्टल २४ घंटे खोलने का निर्णय लिया गया है। बताया गया कि सत्यापन की प्रगति धीमी होने के कारण कलेक्टर ने जिम्मेदारों पर नाराजगी जताते हुए सत्यापन की डेडलाइन निर्धारित कर दी है। कलेक्टर ने तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि 14 मार्च तक पंजीयन की प्रक्रिया फाइनल कर ली जाए। जिला प्रशासन ने उपार्जन केन्द्र से जुड़े दावा आपत्तियों की सुनवाई के लिए 15 मार्च की तिथि निर्धारित की है।

खसरे में चना-मटर की जगह पड़ती दर्ज कर रहे पटवारी
रीवा. जिले के ज्यादातर पटवारी हल्के के पटवारियों की अनदेखी के चलते किसानों के पंजीयन के लिए परेशान हैं। सिरमौर के बेलवा बढ़ गईआन के दर्जनों किसानों ने कलेक्टर से मुलाकात कर हल्का पटवारी की शिकायत की है। क्षेत्र में पदस्थ पटवारी घर में बैठ कर खसरे में मनमानी जिंस दर्ज कर रहे हैं जिसके कारण किसानों को पंजीयन कराने में दिक्कत हो रही है। खेतों में चना एवं मशहूर बोया गया है लेकिन, पटवारी ने खसरे पर गेहूं व पड़ती दर्ज कर दिया है। इसी प्रकार धान में भी किया गया। जिसके कारण सैकड़ों किसानों को अपनी धान की फसल बेचने में दिक्कत हुई। गांव के किसान रामायण पटेल, बेलवा कुर्मियान, शंकर प्रसाद, मोती लाल, बृजेश पटेल, अशोक कुमार कुशवाहा, विनोद कुमार आदि रहे हैं

Rajesh Patel Reporting
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