चिकित्सिकों ने ब्रेन ट्यूमर का 11 घंटे आपरेशन कर युवक की बचाई जिंदगी, मुंबई भेजा सैंपल

अस्पताल में एक साल के भीतर युवक का दूसरा सफल आपरेशन, 12 एमएम का निकला ट्यूमर, न्यूरो सर्जन के साथ 5 चिकित्सक ने की मशक्कत

By: Rajesh Patel

Published: 15 Jun 2021, 11:58 AM IST

रीवा. सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कॉडियोलॉजी के बाद अब न्यूरो सर्जरी में भी जटिल आपरेशन होने लगे हैं। न्यूरो सर्जरी के चिकित्सकों ने लगातार 11 घंटे तक जटिल आपरेशन कर युवक की जान बचाई । सफल आपरेशन होने के बाद 22 वर्षीया युवक हिमांशु ङ्क्षसह स्वस्थ्य है।
चिकित्सकों ने किया जटिल आपरेशन
चिकित्सको के अनुसार इस तरह के जटिल आपरेशन खतरा रहता है। आपरेशन के दौरान 12 एमएम का ब्रेन ट्यूमर निकला है। युवक के इलाज और ब्रेन ट्यूर के ग्रेड को पता करने के लिए जांच सैंपल मुंबई रिसर्च सेंटर भेजा गया है। न्यूरो सर्जरी विभाग के चिकित्सकों का दावा है कि वैसे तो हर माह दस से 12 आपरेशन जटिल किए जाते हैं।
बाएं ओर सिर दर्द करे तो ब्रेन ट्यूमर का लक्षण
जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र के सलैया गांव निवासी हिमांशु ङ्क्षसह करीब डेढ़ साल से सिर दर्द का इलाज करा रहा था। सुपर स्पेशलिटी के न्यूरो सर्जन डॉ दिनेश पटेल ने बताया कि एक साल पहले युवक का आपरेशन किया गया था। छह माह पहले सिर में दोबारा दर्द उठा। लक्षण मिलने पर जांच की गई। जांच के बाद 11 जून को युवक का दोबारा आपरेशन किया गया। 11 घंटे तक आपरेशन की प्रक्रिया चली। आपरेशन पूरी तरह सफल रहा। इस बार आपरेशन में 12 एमएम का ट्यूमर निकला है। जबकि पहली बार आपरेशन के दौरान दो एमएम का ड्यूमर मिला था। आपरेशन के मरीज पूरी तरह स्वस्थ्य है। चल फिर रहा है।
अध्ययन के लिए मुंबई भेजा सैंपल
सुपर स्पेशलिटी के चिकित्सकों ने ब्रेन ट्यूमर का लेवल सहित अन्य बारीकियों के अध्ययन के लिए सैंपल मुंबई रिसर्च सेंटर भेजा है। डॉ दिनेश पटेल ने कहा कि पहली बार 2 एमएम और छह माह के बाद ही 12 एमएम का ट्यूमर मिला। जिससे ग्रेड के अध्ययन के लिए जांच सैंपल मुंबई भेजा गया है।
आपरेशन में ये चिकित्सक रहे शामिल
--आपरेशन प्रक्रिया का लीड न्यूरो सर्जन डॉ दिनेश पटेल कर रहे थे। साथ में एनस्थीया डॉ रवी प्रकाश समेत डॉ आलोक सिंह, डॉ पंकज सिंह, डॉ ओम, डॉ सद्दाम समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल रहे।
500 से अधिक कर चुके हैं आपरेशन
सुपर स्पेशलिटी के न्यूरो सर्जन डॉ दिनेश पटेल अब तक 500 से अधिक जटिल आपरेशन कर चुके हैं। इससे पहले वह वर्ष 2014 में इंदौर के अपोलो, छत्तीसगढ़ मेडिकल कालेज में सवाएं दे चुके हैं। न्यूरो सर्जन ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी में आपरेशन के लिए बेहतर सुविधाएं हैं। चिकित्सकों की टीम के साथ जटिल से जटिल आपारेशन करने की सुविधा है। जिससे न्यूरो से जुड़े किसी भी तरह के मरीज को बाहर जाने की आश्यकता नहीं पड़ेगी।

कान के ऊपर बाएं में होता है दर्द
न्यूरो सर्जन डॉ दिनेश पटेल ने बताया कि सिर के बाएं छोर में कान के ऊपर लंबे समय से दर्द होना ब्रेन ट्यूटर के लक्षण हैं। ब्रेन ट्यूटर का असर मरीज पर चार मुख्य विंग को प्रभावित करता है। जिसमें सोचना, बोलना, समझना और यादगार आदि प्रभावित होने लगता है।
डीन व अधीक्षक ने चिकित्सकों को दी बधाई
सुपर स्पेशलिटी में 22 साल युवक का जटिल ब्रेन ट्यूटर का आपरेशन सफल होने पर मेडिकल कालेज के डीन डॉ मनोज इंदुलकर और सुपर स्पेशलिटी के अधीक्षक डॉ अक्षय श्रीवास्तव ने चिकित्सकों की टीम को सफल आपरेशन पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि न्यूरो सर्जरी विभाग में जटिल से जटिल आपरेशन की बेहतर सुविधाएं हैं। अस्पताल में सुविधाएं चालू होने के बाद मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

Doctors saved the life of a young man by performing an 11-hour operation for brain tumor
rajesh patel IMAGE CREDIT: patrika
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Rajesh Patel Reporting
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