लॉकडाउन के चलते आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने संभाला मोर्चा, बच्चों और महिलाओं के घर पहुंचा रहीं पोषण आहार

- 1611 स्व सहायता समूहों को जिम्मेदारी, आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ घर पहुंच रही सामग्री

By: Mrigendra Singh

Updated: 09 Apr 2020, 09:51 PM IST



रीवा। लॉकडाउन के चलते आगनबाड़ी केन्द्रों द्वारा दी जा रही सेवाओं पर असर पड़ रहा था। करीब तीन लाख से अधिक हितग्राहियों तक पोषण आहार पहुंचाने की चुनौती सामने आ रही थी। लॉकडाउन के कारण घर से बाहर निकलने की मनाही है। ऐसे में महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के 1611 स्व सहायता समूहों के जरिए हितग्राहियों के घर पर पोषण आहार पहुंचाने का कार्य प्रारंभ किया है। विभाग का दावा है कि यदि लॉकडाउन आगे भी बढ़ता है तो यह सेवा चलती रहेगी। आगनबाड़ी केन्द्र बंद किए जाने से कई दिनों तक समस्या आई थी। अब समूहों द्वारा पोषण आहार तैयार किया जा रहा है। जिसे आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है।

- तीन लाख से अधिक हितग्राही जिले में
रीवा जिले में 3434आगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज 2.64 लाख छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को पोषण आहार वितरित किया जा रहा है। इसी तरह 52 हजार 341 गर्भवती महिलाओं को उनके घर में पोषण पहुंचाने का कार्य हो रहा है। जिले में 1611 समूहों को पोषण आहार तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है। इसमें प्रमुख रूप से लड्डू, सत्तू, मुरमुरे, नमकीन आदि का वितरण किया जा रहा है।

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MrigendraSingh IMAGE CREDIT: patrika


- कोरोना संक्रमण से बचने की जानकारी भी दे रहीं
आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व सहायता समूहों की जो महिलाएं पोषण आहार वितरित करने के लिए हितग्राहियों के घर पर पहुंच रही हैं। वह लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को बताते हुए उससे बचाव के लिए घर पर ही रहने की सीख भी दे रही हैं। साथ ही दिन में कई बार हाथ धुलते रहने और किसी बाहर व्यक्ति दूरी बनाए रखने के लिए भी कहा जा रहा है।


- टीएचआर के आवंटन पर फंसा था पेच
टेक होम राशन के आवंटन को लेकर बीते फरवरी महीने और मार्च के शुरुआत में पेच फंसा था। पहले भोपाल से सीधे परियोजनाओं तक यह पहुंचता था। रीवा जिले में रायपुर कर्चुलियान के नजदीक पहडिय़ा में बनाए जा रहे टेक होम राशन प्लांट से आवंटन का आदेश जारी हो गया था। यह प्लांट अभी अधूरा है इस वजह से कुछ दिनों तक पोषण आहार वितरण की व्यवस्था लडख़ड़ाई थी। महिला बाल विकास के अधिकारियों की ओर से मांग करने के बाद लॉकडाउन के पहले कई परियोजनाओं में यह आहार पहुंचा था। अब जिले भर में समूहो से सहयोग लेेकर कार्य प्रारंभ किया गया है।
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लॉकडाउन के चलते आगनबाड़ी केन्द्र बंद हैं। हितग्राहियों को पोषण आहार उनके घरों तक कार्यकर्ताएं पहुंचवा रही हैं। सोलह सौ स्व सहायता समूहों में आहार तैयार हो रहा है। साथ ही कोरोना संक्रमण को लेकर जागरुकता भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
प्रतिभा पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी रीवा

Mrigendra Singh Reporting
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